भारतीय शेयर बाजार में अगस्त का महीना प्राइमरी मार्केट के लिए ऐतिहासिक साबित हुआ। इस दौरान निवेशकों के बीच आरंभिक सार्वजनिक पेशकश (आईपीओ) को लेकर अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिला। ईटी की रिपोर्ट के अनुसार, अगस्त में बाजार में आए 23 में से 10 अलग-अलग आईपीओ इश्यू को 100 गुना से अधिक सब्सक्रिप्शन बिड्स मिलीं। यह 2006 के बाद किसी एक महीने में 100 गुना से ज्यादा सब्सक्रिप्शन पाने वाले आईपीओ की सबसे बड़ी संख्या है।
दलाल स्ट्रीट के सेकेंडरी मार्केट में जारी हलचल और वैश्विक चिंताओं के बावजूद रिटेल निवेशकों, हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल्स (एचएनआई) और योग्य संस्थागत खरीदारों (क्यूआईबी) की ओर से जबरदस्त लिक्विडिटी देखने को मिली। अधिकांश कंपनियों के इश्यू तय कोटे से कई गुना ओवरसब्सक्राइब हुए। मजबूत कॉरपोरेट बैलेंस शीट, आकर्षक वैल्यूएशन और लिस्टिंग गेन की उम्मीद ने आईपीओ के प्रति निवेशकों के उत्साह को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया।
इन कंपनियों पर बरसा पैसा
बीएसई और एनएसई के आंकड़ों के अनुसार, अगस्त में आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। इस दौरान 23 में से 10 इश्यू को ऑफर किए गए शेयरों की तुलना में 100 गुना से ज्यादा बोलियां मिलीं।
हाई-टेक इंजीनियर्स सबसे आगे रहा, जिसे ऑफर किए गए शेयरों के मुकाबले 244।41 गुना बोलियां मिलीं। इसके बाद टेम्पसेंस इंस्ट्रूमेंट्स इंडिया को 183।53 गुना और ईएसडीएस सॉफ्टवेयर सॉल्यूशंस को 135।88 गुना सब्सक्रिप्शन मिला।
अगस्त में 100 गुना से ज्यादा सब्सक्राइब होने वाले अन्य आईपीओ में आर्डी इंडस्ट्रीज, ल्यूमिनो इंडस्ट्रीज, ऑगमॉन्ट एंटरप्राइजेज, बिहारी लाल इंजीनियरिंग, सनशाइन पिक्चर्स, शिपरॉकेट और प्रायोरिटी ज्वेल्स शामिल रहे।
सब्सक्रिप्शन का यह उत्साह पिछले महीनों के रिकॉर्ड से भी काफी ज्यादा रहा। सितंबर 2024 में सात आईपीओ को 100 गुना से ज्यादा सब्सक्राइब किया गया था, जबकि जनवरी 2025 में ऐसे पांच आईपीओ रहे थे।
रिटेल और एचएनआई निवेशकों का रहा दबदबा
अगस्त में 100 गुना से ज्यादा ओवरसब्सक्रिप्शन हासिल करने वाले आईपीओ की संख्या ने हाल के महीनों के सभी रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिए। ऊंचे लिस्टिंग गेन की उम्मीद में रिटेल और एचएनआई निवेशकों की ओर से बड़ी संख्या में आवेदन किए गए। इसका असर खास तौर पर स्मॉल और मिड-कैप इश्यू पर दिखाई दिया।
कई कंपनियों के आईपीओ आवंटन से पहले ही ब्लॉकबस्टर साबित हुए। वहीं, संस्थागत निवेशकों की ओर से भी मजबूत भागीदारी देखने को मिली।
क्यूआईबी और विदेशी निवेशकों का भी मजबूत सपोर्ट
आईपीओ में सिर्फ घरेलू रिटेल निवेशकों की दिलचस्पी नहीं रही। योग्य संस्थागत खरीदारों के साथ विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों और म्यूचुअल फंडों ने भी गुणवत्तापूर्ण कंपनियों में मजबूत बोलियां लगाईं।
प्राइमरी मार्केट में घरेलू पूंजी के इस प्रवाह को भारतीय अर्थव्यवस्था के विस्तार के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। एसएमई और मेनबोर्ड दोनों सेगमेंट में निवेशकों की मजबूत भागीदारी ने बाजार के भरोसे को भी दिखाया।
2026 में अब तक 15 आईपीओ ने पार किया 100 गुना का आंकड़ा
अगस्त की तेजी के बाद 2026 में अब तक 100 गुना से ज्यादा सब्सक्राइब होने वाले आईपीओ की संख्या 15 हो गई है। यह सालाना आधार पर पहले ही तीसरी सबसे बड़ी संख्या है।
जुलाई में तीन इश्यू ने 100 गुना सब्सक्रिप्शन का आंकड़ा पार किया था, जबकि जून में दो इश्यू इस स्तर तक पहुंचे। जनवरी में भारत कोकिंग कोल ऐसा करने वाला एकमात्र आईपीओ था।
2024 में भी दिखा था ऐसा उत्साह
आईपीओ में इस तरह की जबरदस्त दिलचस्पी पिछली बार 2024 में देखने को मिली थी। उस साल लॉन्च किए गए 91 आईपीओ में से 23 को ऑफर किए गए शेयरों की तुलना में 100 गुना से ज्यादा सब्सक्रिप्शन मिला था।
2021 में 63 इश्यू में से 17 ने यह आंकड़ा पार किया था। वहीं, 2025 आईपीओ के जरिए फंड जुटाने के लिहाज से रिकॉर्ड साल रहा। इस दौरान लॉन्च किए गए 103 आईपीओ में से 15 को ऑफर किए गए शेयरों की तुलना में 100 गुना से ज्यादा बोलियां मिली थीं।
अगस्त 2026 का प्रदर्शन ऐसे समय में आया है जब सेकेंडरी मार्केट में उतार-चढ़ाव और वैश्विक चिंताओं के बावजूद प्राइमरी मार्केट में निवेशकों का भरोसा मजबूत बना हुआ है। इस प्रदर्शन से सितंबर और उसके बाद आने वाले बड़े मेनबोर्ड आईपीओ के लिए भी माहौल सकारात्मक माना जा रहा है।

