शेयर बाजार में तेजी: सेंसेक्स 466 अंक चढ़ा, निफ्टी 23,916 के पार; डिफेंस और आईटी में जोरदार खरीदारी

Thecity news
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कारोबारी सप्ताह के आखिरी दिन शुक्रवार को मजबूत वैश्विक संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार बढ़त के साथ खुला। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 466 अंक यानी 0.61 प्रतिशत की तेजी के साथ 76,619 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं निफ्टी 46 अंक यानी 0.20 प्रतिशत की मजबूती के साथ 23,916 पर कारोबार करता नजर आया। बाजार में शुरुआती तेजी को डिफेंस और आईटी शेयरों से खासा समर्थन मिला।

डिफेंस और आईटी सेक्टर बने बाजार के टॉप गेनर्स

शुरुआती कारोबार में निफ्टी इंडिया डिफेंस इंडेक्स 0.89 प्रतिशत और निफ्टी आईटी इंडेक्स 0.56 प्रतिशत की बढ़त के साथ सबसे मजबूत प्रदर्शन करने वाले सूचकांकों में रहे। इसके अलावा निफ्टी रियल्टी, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज, निफ्टी सर्विसेज, निफ्टी प्राइवेट बैंक, निफ्टी इंफ्रा, निफ्टी ऑयल एंड गैस और निफ्टी पीएसई भी हरे निशान में कारोबार कर रहे थे।

दूसरी ओर निफ्टी फार्मा, निफ्टी हेल्थकेयर, निफ्टी एनर्जी और निफ्टी कमोडिटीज में दबाव देखने को मिला।

मिडकैप और स्मॉलकैप में मिला-जुला कारोबार

मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में शुक्रवार को कारोबार का रुख मिला-जुला रहा। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 63,237 अंक के आसपास लगभग सपाट कारोबार कर रहा था। वहीं निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 83 अंक यानी 0.42 प्रतिशत की तेजी के साथ 20,134 के स्तर पर पहुंच गया।

सेंसेक्स पैक में बजाज फिनसर्व, इंडिगो, ट्रेंट, इंफोसिस, टीसीएस, अदाणी पोर्ट्स, बजाज फाइनेंस, टेक महिंद्रा, बीईएल, एचडीएफसी बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट, टाइटन, एमएंडएम, आईटीसी, एसबीआई, एचसीएल टेक, एलएंडटी, पावर ग्रिड और टाटा स्टील बढ़त में कारोबार कर रहे थे। वहीं एक्सिस बैंक, इटरनल, भारती एयरटेल और एचयूएल में गिरावट दर्ज की गई।

एशियाई बाजारों में भी तेजी, अमेरिकी बाजार बढ़त के साथ बंद

अंतरराष्ट्रीय बाजारों से भी भारतीय शेयर बाजार को सकारात्मक संकेत मिले। एशियाई बाजारों में टोक्यो, शंघाई, हांगकांग, बैंकॉक और सोल के प्रमुख सूचकांक हरे निशान में कारोबार कर रहे थे। इससे पहले अमेरिकी शेयर बाजार भी बढ़त के साथ बंद हुए थे।

अमेरिकी बाजार में डाओ जोन्स 1.18 प्रतिशत की तेजी के साथ बंद हुआ, जबकि टेक्नोलॉजी इंडेक्स नैस्डैक में 1.40 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।

घरेलू अर्थव्यवस्था मजबूत, लेकिन वैश्विक जोखिम पर नजर

जानकारों के मुताबिक मौजूदा समय में भारतीय बाजार के लिए घरेलू स्तर पर सकारात्मक और वैश्विक स्तर पर कुछ नकारात्मक कारक मौजूद हैं। घरेलू अर्थव्यवस्था में 7.8 प्रतिशत की जीडीपी वृद्धि और निजी निवेश में बढ़ोतरी को सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

हालांकि, अमेरिका, यूरोप, ब्रिटेन और जापान में बॉन्ड यील्ड बढ़ना वैश्विक बाजारों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। इसके अलावा निवेशकों की नजर अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध से जुड़े घटनाक्रम पर भी बनी हुई है। इन वैश्विक जोखिमों के कारण बाजार में आगे भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

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