वैश्विक बाजारों के मजबूत संकेतों से निवेशकों का भरोसा लौटा, हालांकि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और ईरान तनाव ने बढ़ाई चिंता
भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को कारोबार की शुरुआत बढ़त के साथ हुई। वैश्विक बाजारों से मिले मजबूत संकेतों और गिफ्ट निफ्टी में तेजी के चलते शुरुआती कारोबार में निवेशकों का भरोसा मजबूत नजर आया। बाजार में सुबह से ही चौतरफा खरीदारी देखने को मिली। हालांकि, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और ईरान को लेकर बढ़ते तनाव के कारण निवेशकों की चिंता भी बनी हुई है।
शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 163 अंक की बढ़त के साथ 77,701 के स्तर पर खुला। वहीं, निफ्टी 52 अंक चढ़कर 24,284 के स्तर पर पहुंच गया। इससे पहले गुरुवार को सेंसेक्स 628।04 अंक की बढ़त के साथ 77,537।72 पर और निफ्टी 153।55 अंक चढ़कर 24,231।85 पर बंद हुआ था।
वैश्विक बाजारों से मिले मजबूत संकेत
शुक्रवार सुबह गिफ्ट निफ्टी करीब 24,343 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। यह निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले बंद भाव से लगभग 50 अंक ऊपर था। एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार देखने को मिला। दक्षिण कोरिया और ताइवान के बाजारों में मामूली तेजी रही, जबकि जापान का निक्केई करीब 0।8 प्रतिशत गिर गया।
अमेरिकी बाजारों में भी तेजी के संकेत मिले। एसएंडपी 500 फ्यूचर्स 0।1 प्रतिशत और नैसडैक फ्यूचर्स 0।2 प्रतिशत ऊपर कारोबार कर रहे थे। निवेशकों की नजर अगले सप्ताह आने वाले एनवीडिया के नतीजों पर भी है। इन नतीजों को तकनीकी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता क्षेत्र के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से बढ़ी चिंता
कच्चे तेल की कीमतों में इस सप्ताह जोरदार तेजी देखने को मिली है। ब्रेंट क्रूड 93 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर कारोबार कर रहा है। कारोबार के दौरान यह 94।71 डॉलर प्रति बैरल के उच्चतम स्तर तक पहुंचा, हालांकि बाद में मुनाफावसूली के कारण कीमत घटकर 93।12 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई।
कच्चे तेल की ऊंची कीमतें भारतीय शेयर बाजार और अर्थव्यवस्था के लिए चिंता का कारण बन सकती हैं। इसके अलावा ईरान को लेकर बढ़ते तनाव पर भी निवेशकों की नजर बनी हुई है।
निफ्टी के लिए 24,000 का स्तर अहम
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार निफ्टी के लिए 24,000 का स्तर महत्वपूर्ण सपोर्ट बना हुआ है। वहीं, 24,300 से 24,400 के बीच का स्तर तत्काल प्रतिरोध क्षेत्र माना जा रहा है। यदि निफ्टी इस स्तर के ऊपर मजबूती बनाए रखने में सफल रहता है तो यह 24,600 के स्तर की ओर बढ़ सकता है।
दूसरी ओर, 24,000 के नीचे कमजोरी आने पर बाजार में बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है। ऐसे में निवेशकों को वैश्विक संकेतों, कच्चे तेल की कीमतों और भू-राजनीतिक घटनाक्रम पर नजर रखनी होगी।
बैंक निफ्टी में इन स्तरों पर नजर
बैंक निफ्टी के लिए 57,700 से 57,800 का स्तर महत्वपूर्ण प्रतिरोध माना जा रहा है। यदि इंडेक्स इस स्तर के ऊपर मजबूती हासिल करता है तो 58,000 का स्तर अगला लक्ष्य बन सकता है। वहीं, 57,000 के नीचे फिसलने पर बैंक निफ्टी में दबाव बढ़ने की आशंका है।
कुल मिलाकर, वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों के कारण भारतीय बाजार की शुरुआत मजबूत रही है, लेकिन कच्चे तेल की कीमतों और ईरान तनाव के चलते आगे के कारोबार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

