इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में बीएससी एग्रीकल्चर सेकंड ईयर के एंटोमोलॉजी विषय का प्रश्नपत्र परीक्षा शुरू होने से पहले ही विद्यार्थियों के व्हाट्सऐप तक पहुंचने की शिकायत मिली। मामले की जानकारी मिलने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा रद्द कर दी और जांच के लिए पांच सदस्यीय समिति गठित की है।
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में बीएससी एग्रीकल्चर सेकंड ईयर की परीक्षा से जुड़ा पेपर लीक का मामला सामने आया है। एंटोमोलॉजी यानी कीट विज्ञान का प्रश्नपत्र परीक्षा शुरू होने से पहले ही व्हाट्सऐप पर विद्यार्थियों तक पहुंचने की शिकायत मिली। मामले की जानकारी मिलने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा रद्द करने का फैसला किया है।
बताया गया कि परीक्षा सुबह 10 बजे शुरू हुई थी, जबकि करीब 8 बजे ही पेपर लीक की शिकायत ई-मेल के जरिए विश्वविद्यालय को मिल चुकी थी। मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय समिति गठित की गई है।
परीक्षा से पहले व्हाट्सऐप पर पहुंचा प्रश्नपत्र
जानकारी के अनुसार, बीएससी एग्रीकल्चर सेकंड ईयर के एंटोमोलॉजी विषय की परीक्षा सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक निर्धारित थी। परीक्षा शुरू होने से करीब दो घंटे पहले ही प्रश्नपत्र की तस्वीर व्हाट्सऐप के जरिए विद्यार्थियों के बीच पहुंचने की बात सामने आई।
बताया जा रहा है कि प्रश्नपत्र किसी दूसरे स्रोत से फॉरवर्ड होकर छात्रों तक पहुंचा। विश्वविद्यालय प्रशासन को सुबह करीब 8 बजे ई-मेल के माध्यम से पेपर लीक की शिकायत मिली थी।
हालांकि, शिकायत मिलने के बावजूद परीक्षा निर्धारित समय पर शुरू करा दी गई। इसके बाद करीब 10:30 बजे प्रशासन को दोबारा जानकारी मिली कि प्रश्नपत्र पहले ही विद्यार्थियों तक पहुंच चुका है। मामले की पुष्टि होने के बाद विश्वविद्यालय ने परीक्षा रद्द करने का निर्णय लिया।
पांच सदस्यीय समिति करेगी मामले की जांच
पेपर लीक की घटना सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने जांच के लिए पांच सदस्यीय समिति गठित की है। समिति यह पता लगाएगी कि प्रश्नपत्र सबसे पहले कहां से बाहर आया और किस माध्यम से विद्यार्थियों तक पहुंचा।
इसके साथ ही प्रश्नपत्र लीक होने में किसी व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं, इसकी भी जांच की जाएगी। जांच समिति अपनी रिपोर्ट विश्वविद्यालय प्रशासन को सौंपेगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
फिलहाल विश्वविद्यालय प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटा है। रद्द की गई परीक्षा दोबारा कब आयोजित होगी, इसकी जानकारी विश्वविद्यालय की ओर से बाद में दी जा सकती है।

