कोलाबा स्थित बार-रेस्तरां में खाद्य सुरक्षा और साफ-सफाई के नियमों में मिली कई अनियमितताएं, गर्म और ठंडे खाने के तापमान से लेकर ड्रेनेज सिस्टम तक में खामी
महाराष्ट्र खाद्य और औषधि प्रशासन यानी एफडीए ने मुंबई के कोलाबा स्थित मशहूर बार और रेस्तरां कैफे मोंडेगर का लाइसेंस सस्पेंड कर दिया है। एफडीए की जांच के दौरान खाद्य सुरक्षा और साफ-सफाई से जुड़ी कई गंभीर अनियमितताएं सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई।
जांच में क्या-क्या खामियां मिलीं?
एफडीए की जांच में पाया गया कि रेस्तरां में गर्म खाने की चीजों को जरूरी 60 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान पर नहीं रखा जा रहा था। वहीं, कोल्ड स्टोरेज का तापमान भी निर्धारित 5 डिग्री सेल्सियस से कम नहीं पाया गया।
जांच के दौरान जमी हुई खाद्य सामग्री को पिघलाने के लिए सही प्रक्रिया का पालन नहीं किया जा रहा था। इसके अलावा, पके हुए भोजन को तय समय के भीतर तेजी से ठंडा करने की प्रक्रिया भी सही तरीके से नहीं अपनाई जा रही थी।
एफडीए प्रमुख तुकाराम मुंढे की अगुवाई वाली टीम ने जांच के दौरान फर्श पर नमी के कारण नुकसान भी पाया।
ड्रेनेज और सैनिटेशन में भी मिली कमी
खाना बनाने वाली जगह के पास ड्रेनेज सिस्टम भी खराब पाया गया। इससे बैक्टीरिया या गंदगी के दूसरी खाद्य सामग्री तक पहुंचने यानी क्रॉस-कंटैमिनेशन का खतरा बना हुआ था।
जांच में खाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले उपकरणों की पर्याप्त सफाई नहीं होने की बात भी सामने आई। इसके साथ ही रेस्तरां में सैनिटेशन से जुड़ी कमियां भी पाई गईं। इन खामियों के आधार पर एफडीए ने कैफे मोंडेगर का लाइसेंस सस्पेंड करने की कार्रवाई की।
गणेशोत्सव के दौरान एफडीए का विशेष अभियान
गणेशोत्सव और त्योहारी सीजन को देखते हुए एफडीए की ओर से महाराष्ट्र में रेस्तरां, होटल, खाने-पीने के स्टॉल और मिठाई की दुकानों की जांच की जा रही है।
जालना जिले में भी प्रतिबंधित खाद्य पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई की गई है, जहां करीब 1.35 करोड़ रुपये का सामान जब्त किया गया। वहीं, ग्रेटर मुंबई में भी कई होटल और खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच की गई।
एफडीए के मुताबिक, 11 से 14 सितंबर के बीच त्योहारों को लेकर चलाए गए विशेष अभियान के दौरान मुंबई में 38 फूड एस्टेब्लिशमेंट की जांच की गई। इस दौरान दूध, खोया, घी और मिठाइयों समेत कुल 47 खाद्य नमूने जांच के लिए लिए गए।

