तमिलनाडु में 12 सितंबर को हुए DMK के विरोध प्रदर्शन के दौरान मुख्यमंत्री थलपति विजय और कानून मंत्री के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में पुलिस ने एक सांसद और दो विधायकों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) प्रमुख थलपति विजय के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर DMK के नेताओं की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पुलिस ने DMK सांसद ए राजा और दो विधायकों पीके सेकरबाबू तथा वसंतम के कार्तिकेयन के खिलाफ अलग-अलग मामलों में FIR दर्ज की है।
मामला 12 सितंबर को DMK की ओर से राज्यभर में आयोजित विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है। आरोप है कि इस दौरान मुख्यमंत्री विजय और राज्य के कानून मंत्री सीटीआर निर्मल कुमार के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया।
ए राजा पर आपत्तिजनक बयान देने का आरोप
रिपोर्ट के मुताबिक चेन्नई में पुलिस ने DMK सांसद ए राजा के खिलाफ मुख्यमंत्री विजय के खिलाफ कथित तौर पर अश्लील भाषा का इस्तेमाल करने, आपत्तिजनक बयान देने और शांति भंग करने की कोशिश के आरोप में मामला दर्ज किया है।
ए राजा पर इससे पहले कानून मंत्री के खिलाफ भी आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप लगा था। हालांकि, पार्टी सांसद कनिमोझी की सलाह के बाद उन्होंने अपना बयान वापस ले लिया था।
सेकरबाबू और कार्तिकेयन पर भी केस
चेन्नई पुलिस ने 12 सितंबर के विरोध प्रदर्शन के दौरान मुख्यमंत्री विजय के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणी करने के आरोप में DMK विधायक पीके सेकरबाबू के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है।
वहीं, कल्लाकुरिची में पुलिस ने विधायक वसंतम के कार्तिकेयन के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की चार धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। इन मामलों में पुलिस ने विरोध प्रदर्शन के दौरान दिए गए बयानों और कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों को आधार बनाया है।
भ्रष्टाचार के मुद्दे पर आमने-सामने DMK और विजय
तमिलनाडु की राजनीति में इस समय भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर भी DMK और विजय के बीच टकराव चल रहा है। DMK जहां विजय की सरकार पर गंभीर आरोप लगा रही है, वहीं विजय ने विधानसभा में पिछली सरकार के कामकाज से जुड़ी फाइलें खोलने की चेतावनी दी है।
विजय ने पूर्व सरकार के ‘मिस्टर क्लीन’ होने के दावे पर सवाल उठाते हुए प्रवर्तन निदेशालय के दस्तावेजों का हवाला दिया था। उन्होंने मुख्यमंत्री एमके स्टालिन और उनके बेटे तथा विपक्ष के नेता उधयनिधि स्टालिन पर भी निशाना साधा था।
विधानसभा में विजय के इशारे पर भी हुआ विवाद
विधानसभा में विजय के एक इशारे को लेकर भी DMK और TVK के बीच विवाद हुआ था। विजय ने अपने भाषण के दौरान एमके स्टालिन के आपातकाल के दौरान जेल जाने का जिक्र किया और इसी दौरान अपने हाथ को गाल पर रखकर एक इशारा किया।
DMK ने आरोप लगाया कि यह इशारा स्टालिन के जबड़े पर लगी चोट का मजाक उड़ाने के लिए किया गया था। वहीं, स्टालिन ने विजय से मुख्यमंत्री पद की गरिमा बनाए रखने की अपील की थी।
इसके बाद DMK की ओर से राज्यभर में विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया था। इसी प्रदर्शन के दौरान नेताओं की कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों को लेकर अब पुलिस कार्रवाई सामने आई है।

