बुधवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत मजबूती के साथ हुई। सेंसेक्स 242 अंक चढ़कर 74,246 और निफ्टी 83 अंक की बढ़त के साथ 23,201 पर पहुंच गया। FMCG के साथ पीएसयू बैंक, ऑटो, आईटी और ऑयल एंड गैस शेयरों में भी खरीदारी दिखी।
भारतीय शेयर बाजार ने बुधवार को बढ़त के साथ कारोबार की शुरुआत की। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 242 अंक यानी करीब 0.33 प्रतिशत की तेजी के साथ 74,246 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं, निफ्टी 83 अंक यानी करीब 0.36 प्रतिशत चढ़कर 23,201 पर कारोबार करता नजर आया।
बाजार की शुरुआती तेजी में एफएमसीजी शेयरों का प्रमुख योगदान रहा। इसके अलावा पीएसयू बैंक, ऑटो, ऑयल एंड गैस और आईटी सेक्टर के शेयरों में भी खरीदारी देखने को मिली।
मिडकैप में तेजी, स्मॉलकैप में मामूली गिरावट
बुधवार को लार्जकैप शेयरों की तुलना में मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में मिलाजुला कारोबार रहा। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 95 अंक यानी 0.16 प्रतिशत की बढ़त के साथ 60,975 पर पहुंच गया।
इसके उलट निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 5 अंक यानी 0.03 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ 19,416 पर कारोबार कर रहा था।
इन शेयरों में दिखी खरीदारी
शुरुआती कारोबार में आईटीसी, एमएंडएम, बीईएल, एसबीआई, एचयूएल, एचसीएल टेक, एशियन पेंट्स, अदाणी पोर्ट्स, कोटक महिंद्रा बैंक, पावर ग्रिड, अल्ट्राटेक सीमेंट, मारुति सुजुकी, ट्रेंट, टाइटन, बजाज फाइनेंस, सन फार्मा, टेक महिंद्रा और इन्फोसिस बढ़त वाले शेयरों में शामिल रहे।
वहीं, एनटीपीसी, इंडिगो, एचडीएफसी बैंक और इटरनल के शेयरों में गिरावट देखने को मिली।
एशियाई बाजारों से मिले-जुले संकेत
एशियाई बाजारों में बुधवार को ज्यादातर प्रमुख बाजारों में तेजी देखने को मिली। टोक्यो, शंघाई, सोल और जकार्ता के बाजार बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे। हालांकि, हांगकांग और बैंकॉक के बाजार लाल निशान में रहे।
बाजार जानकारों के मुताबिक, बॉन्ड यील्ड और कच्चे तेल की ऊंची कीमतें अभी भी बाजार के लिए महत्वपूर्ण कारक बनी हुई हैं। इन दोनों मोर्चों पर दबाव बने रहने की स्थिति में बाजार में तेज रिकवरी की गुंजाइश सीमित रह सकती है।
अमेरिकी बाजार गिरावट के साथ बंद
मंगलवार को अमेरिकी शेयर बाजार में गिरावट देखने को मिली। डाओ जोन्स 0.63 प्रतिशत की कमजोरी के साथ बंद हुआ, जबकि टेक्नोलॉजी इंडेक्स नैस्डैक में 0.78 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
वहीं, भारतीय बाजार में विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी एफआईआई की बिकवाली का सिलसिला पिछले पांच कारोबारी सत्रों से जारी रहने की बात कही गई है। अमेरिकी 10 साल की बॉन्ड यील्ड करीब 5 प्रतिशत रहने के कारण बाजार में आने वाली तेजी के दौरान भी विदेशी निवेशकों की बिकवाली पर नजर बनी हुई है।

