Crude Oil Price Today: कच्चे तेल में फिर तेज उछाल, 107 डॉलर के पार पहुंचा Brent; जानें भारत पर क्या होगा असर

Thecity news
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मिडिल ईस्ट में सप्लाई को लेकर बढ़ते जोखिम के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 4 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई हैं। सोमवार को WTI क्रूड 102.8 डॉलर और Brent क्रूड 107.3 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया।

कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का सिलसिला लगातार जारी है। सोमवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के भाव 103 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गए। मिडिल ईस्ट में सप्लाई से जुड़े जोखिम बढ़ने के कारण पिछले सप्ताह कच्चे तेल की कीमतों में 9 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी आई थी। अब इसका असर कीमतों पर और स्पष्ट दिखाई दे रहा है।

ड्रोन हमलों के बाद सऊदी अरब ने ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन रोकी

केडिया एडवाइजरी के डायरेक्टर अजय केडिया के मुताबिक, ड्रोन हमलों के बाद सऊदी अरब ने अपनी मुख्य ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन का संचालन रोक दिया है। यह पाइपलाइन स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आसपास वैकल्पिक तेल आपूर्ति मार्ग के तौर पर महत्वपूर्ण मानी जाती है।

ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन लाल सागर के बंदरगाहों तक कच्चा तेल पहुंचाने में अहम भूमिका निभाती है। इसकी क्षमता करीब 7 मिलियन बैरल प्रतिदिन है। इसके संचालन पर रोक से मिडिल ईस्ट से कच्चे तेल की सप्लाई को लेकर चिंता और बढ़ गई है।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर बातचीत टली

इसी बीच, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से अस्थायी शिपिंग कॉरिडोर बनाने को लेकर ईरान और खाड़ी देशों के बीच प्रस्तावित बातचीत भी टल गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सऊदी अरब ने इसको लेकर चिंता जताई है, जबकि बहरीन ने इसमें शामिल होने से इनकार कर दिया है।

पाइपलाइन के बंद होने से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की रणनीतिक अहमियत और बढ़ गई है। इस महत्वपूर्ण शिपिंग रूट को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच पहले से तनाव बना हुआ है।

Brent क्रूड 107 डॉलर के पार

सोमवार को भारतीय समयानुसार सुबह करीब 11 बजे WTI क्रूड 2.71 प्रतिशत की तेजी के साथ 102.8 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। वहीं, Brent क्रूड का भाव 2.61 प्रतिशत बढ़कर 107.3 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।

हालांकि, Murban क्रूड की कीमत में 2.47 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह 119.5 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।

भारत पर पड़ सकता है सीधा असर

कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तेजी का भारत पर सीधा असर पड़ सकता है, क्योंकि देश अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात के जरिए पूरा करता है। लंबे समय तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल महंगा रहने पर आयात बिल बढ़ने के साथ महंगाई पर भी दबाव बढ़ सकता है।

गणेश चतुर्थी पर घरेलू शेयर बाजार बंद

सोमवार को गणेश चतुर्थी के मौके पर भारतीय शेयर बाजार बंद हैं। ऐसे में घरेलू बाजार में कच्चे तेल की तेजी का तत्काल असर देखने को नहीं मिला। बाजार खुलने पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की कीमतों में हुई इस तेज बढ़ोतरी का असर निवेशकों के सेंटीमेंट पर पड़ सकता है।

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