मुंबई। भारतीय घरेलू शेयर बाजार ने शुक्रवार को मजबूत बढ़त के साथ कारोबार की शुरुआत की। वैश्विक बाजारों से मिले मिले-जुले संकेतों के बावजूद निवेशकों की खरीदारी के दम पर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी शुरुआती कारोबार में हरे निशान में कारोबार करते नजर आए। बाजार की इस सकारात्मक शुरुआत के पीछे निवेशकों की आरबीआई की मौद्रिक नीति बैठक से जुड़ी उम्मीदों को प्रमुख कारण माना जा रहा है।
सेंसेक्स और निफ्टी में मजबूत बढ़त
कारोबार शुरू होते ही बीएसई सेंसेक्स 269 अंकों की बढ़त के साथ 74,629 के स्तर पर खुला। वहीं एनएसई निफ्टी 62 अंक मजबूत होकर 23,478 के स्तर पर पहुंच गया। इससे पहले गुरुवार को भी बाजार उतार-चढ़ाव के बीच मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ था। सेंसेक्स 13 अंक चढ़कर 74,360 पर और निफ्टी 10 अंक बढ़कर 23,416 के स्तर पर बंद हुआ था।
विश्लेषकों का मानना है कि घरेलू निवेशकों का भरोसा और मजबूत आर्थिक संकेतक बाजार को समर्थन दे रहे हैं, जिससे विदेशी बाजारों में कमजोरी के बावजूद भारतीय शेयर बाजार मजबूती दिखा रहा है।
आरबीआई की मौद्रिक नीति पर टिकी निगाहें
बाजार की दिशा तय करने में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक अहम भूमिका निभा सकती है। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा की अध्यक्षता में हो रही बैठक के फैसले का निवेशक बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार रेपो रेट में किसी बड़े बदलाव की संभावना कम है, लेकिन आरबीआई की भविष्य की नीति और आर्थिक दृष्टिकोण पर की गई टिप्पणियां निवेशकों की रणनीति को प्रभावित कर सकती हैं।
एशियाई बाजारों में भारी दबाव
जहां भारतीय बाजार मजबूती के साथ खुले, वहीं एशियाई शेयर बाजारों में दबाव देखने को मिला। जापान का निक्केई 225 सूचकांक 1.82 प्रतिशत की गिरावट के साथ कारोबार करता दिखा, जबकि टॉपिक्स इंडेक्स भी कमजोर रहा।
दक्षिण कोरिया के बाजारों में सबसे अधिक गिरावट दर्ज की गई। कोस्पी सूचकांक 6.25 प्रतिशत तक लुढ़क गया, जबकि कोस्डैक में 2.41 प्रतिशत की कमजोरी देखने को मिली। वैश्विक निवेशकों की सतर्कता और अंतरराष्ट्रीय आर्थिक चिंताओं का असर एशियाई बाजारों पर साफ दिखाई दिया।
अमेरिकी बाजारों से मिले मिश्रित संकेत
गुरुवार को अमेरिकी शेयर बाजार मिश्रित रुख के साथ बंद हुए। डॉऊ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज ने 874.86 अंकों की जोरदार बढ़त दर्ज करते हुए 51,561.93 के नए रिकॉर्ड स्तर को छुआ।
एसएंडपी 500 इंडेक्स भी 30.63 अंक बढ़कर 7,584.31 के स्तर पर बंद हुआ। हालांकि तकनीकी शेयरों से जुड़े नैस्डैक कंपोजिट में 23.02 अंकों की मामूली गिरावट दर्ज की गई। अमेरिकी बाजारों के इस मिश्रित प्रदर्शन का असर वैश्विक निवेशकों की धारणा पर देखने को मिला।
गिफ्ट निफ्टी ने दिए थे सतर्क संकेत
भारतीय बाजार खुलने से पहले गिफ्ट निफ्टी 23,495 के स्तर के आसपास कारोबार कर रहा था, जो निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले बंद भाव की तुलना में लगभग 17 अंकों की छूट को दर्शा रहा था। इससे बाजार में हल्की और सतर्क शुरुआत की उम्मीद की जा रही थी।
हालांकि वास्तविक कारोबार में घरेलू निवेशकों की खरीदारी ने इन संकेतों को पीछे छोड़ दिया और बाजार ने मजबूत बढ़त के साथ शुरुआत की।
निवेशकों के लिए आगे क्या?
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले कारोबारी सत्रों में आरबीआई की मौद्रिक नीति, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां और वैश्विक बाजारों का रुख भारतीय शेयर बाजार की दिशा तय करेंगे। यदि आरबीआई का रुख बाजार के अनुकूल रहता है तो घरेलू सूचकांकों में और तेजी देखने को मिल सकती है।

