2024 से अगस्त 2026 तक आया करोड़ों का चढ़ावा, 50 फीसदी राशि गौसदन के निर्माण और रखरखाव के लिए तय; विदेश दौरों पर भी करीब 20 करोड़ खर्च
हिमाचल प्रदेश के सरकारी नियंत्रण वाले मंदिरों में करोड़ों रुपये के चढ़ावे का आंकड़ा सामने आया है। राज्य सरकार ने विधानसभा में बताया कि हिमाचल प्रदेश में सरकार द्वारा चलाए जा रहे 36 मंदिरों में 1 जनवरी 2024 से 1 अगस्त 2026 के बीच कुल 419.88 करोड़ रुपये का चढ़ावा आया। एक लिखित जवाब में उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने बताया कि मंदिरों में जमा होने वाली इस राशि का इस्तेमाल किन-किन कार्यों में किया जाता है।
उन्होंने बताया कि इकट्ठा हुए चढ़ावे का इस्तेमाल मंदिरों के रखरखाव, सौंदर्यीकरण, सफाई, लाइटिंग, गौशालाओं को चलाने, धार्मिक आयोजनों और मेलों के आयोजन के साथ-साथ पुजारियों और मंदिर कर्मचारियों के वेतन पर किया जाता है। कांग्रेस विधायक केवल सिंह के सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि चढ़ावे की 50 प्रतिशत राशि गौसदन यानी गाय आश्रय के निर्माण और रखरखाव के लिए तय की गई है।
उपमुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि मंदिर के फंड को खर्च करने के लिए फिलहाल कोई निर्धारित नियम नहीं हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस संबंध में कोई नियम बनाने पर अभी विचार नहीं कर रही है।
किस मंदिर से कितना आया चढ़ावा?
हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर स्थित बाबा बालक नाथ देवथ सिद्ध मंदिर में सबसे ज्यादा 99.19 करोड़ रुपये का चढ़ावा आया। इसके बाद बिलासपुर के नैना देवी मंदिर में 86.94 करोड़ रुपये और ऊना जिले के माता चिंतपूर्णी मंदिर में 85.72 करोड़ रुपये का चढ़ावा प्राप्त हुआ।
ज्वालामुखी स्थित ज्वाला जी मंदिर को 36.57 करोड़ रुपये मिले, जबकि सिरमौर के त्रिलोकपुर स्थित बालासुंदरी मंदिर में 28.99 करोड़ रुपये का चढ़ावा आया।
विदेश दौरों पर 20 करोड़ रुपये खर्च
विधानसभा में सरकारी खजाने से विदेश दौरों पर किए गए खर्च का आंकड़ा भी सामने आया। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने एक लिखित जवाब में बताया कि जनवरी 2023 से जुलाई 2026 के बीच राज्य सरकार ने मंत्रियों, विधायकों और अधिकारियों के विदेश दौरों पर करीब 20 करोड़ रुपये खर्च किए।
इसमें मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, मंत्रियों, कांग्रेस और भाजपा दोनों के विधायकों तथा विभिन्न विभागों के अधिकारियों के विदेश दौरों पर हुआ खर्च शामिल है। यह जानकारी भाजपा विधायकों राकेश जमवाल और रणधीर शर्मा की ओर से पूछे गए सवाल के जवाब में दी गई।
पंचायत चौकीदार के 556 पद खत्म
पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने बरसर विधायक आईडी लखनपाल के सवाल के जवाब में विधानसभा को बताया कि पंचायत चौकीदारों के 556 पद खत्म कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि चौकीदारों की ओर से पहले किए जाने वाले कामों को पूरा करने के लिए 400 मल्टी-टास्क वर्कर नियुक्त किए जाएंगे।
सरकार के मुताबिक इस कदम से सालाना करीब 1.70 करोड़ रुपये की बचत होगी।

