भारत और अफगानिस्तान के बीच 6 जून से मुल्लांपुर में खेले जाने वाले एकमात्र टेस्ट मैच से पहले भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर ने बल्लेबाजी क्रम को लेकर बड़ा संकेत दिया है। खासकर नंबर-3 की पोजिशन को लेकर लंबे समय से चल रही चर्चाओं के बीच गंभीर ने साई सुदर्शन और देवदत्त पडिक्कल को लेकर अपनी राय स्पष्ट की है।
चेतेश्वर पुजारा के टीम से बाहर होने के बाद भारतीय टीम लगातार नंबर-3 के लिए स्थायी बल्लेबाज की तलाश कर रही है। कई खिलाड़ियों को इस भूमिका में आजमाया गया, लेकिन कोई भी लंबे समय तक अपनी जगह पक्की नहीं कर पाया। ऐसे में अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट मुकाबले से पहले यह सवाल सबसे बड़ा था कि टीम इंडिया की ओर से नंबर-3 पर कौन बल्लेबाजी करेगा।
साई सुदर्शन को लेकर गंभीर का बड़ा बयान
मैच से पहले आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में गौतम गंभीर ने कहा कि साई सुदर्शन को अभी तक टेस्ट क्रिकेट में पर्याप्त अवसर नहीं मिले हैं और उन्हें खुद को साबित करने के लिए समय दिया जाना चाहिए।
गंभीर ने कहा, “साई सुदर्शन को सही मौके नहीं मिले हैं। उन्होंने ज्यादातर क्रिकेट इंग्लैंड में खेली है और मेरा मानना है कि उन्हें पर्याप्त अवसर मिलने चाहिए। हम केवल 11 खिलाड़ी ही चुन सकते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि वह खराब फॉर्म में हैं। उन्होंने आईपीएल में 700 रन बनाए हैं। अगर हम किसी खिलाड़ी को सिर्फ चार-पांच मैचों के आधार पर आंकेंगे तो हम कभी मजबूत खिलाड़ी तैयार नहीं कर पाएंगे।”
गंभीर के इस बयान को साई सुदर्शन के समर्थन के रूप में देखा जा रहा है, हालांकि अंतिम एकादश को लेकर उन्होंने स्पष्ट घोषणा नहीं की।
देवदत्त पडिक्कल को मिल सकती है प्राथमिकता
गंभीर के बयान से यह संकेत भी मिला है कि टीम प्रबंधन फिलहाल टेस्ट अनुभव और टीम संतुलन को ध्यान में रखते हुए देवदत्त पडिक्कल को नंबर-3 की भूमिका में प्राथमिकता दे सकता है। हालांकि अंतिम फैसला मैच के दिन ही सामने आएगा।
साई सुदर्शन और देवदत्त पडिक्कल दोनों का घरेलू क्रिकेट और IPL 2026 सीजन शानदार रहा है, जिससे चयनकर्ताओं के सामने सकारात्मक चुनौती खड़ी हुई है।
श्रीलंका दौरे के लिए चार स्पिनरों की तैयारी
गौतम गंभीर ने आगामी श्रीलंका दौरे को लेकर भी बड़ा खुलासा किया। उन्होंने कहा कि भारतीय टीम दो टेस्ट मैचों की श्रृंखला के लिए चार स्पिनरों के विकल्प तैयार कर रही है।
उन्होंने बताया कि युवा स्पिनर मानव सुथार और हर्ष दुबे दोनों ही टीम प्रबंधन की योजनाओं में शामिल हैं। गंभीर के अनुसार, दोनों गेंदबाजों की शैली अलग है और यह टेस्ट मैच टीम को चौथे स्पिनर के चयन में मदद करेगा।
न्यूजीलैंड दौरे की तैयारी पर भी नजर
हेड कोच ने कहा कि भारतीय टीम को आगामी न्यूजीलैंड दौरे के लिए अलग रणनीति अपनानी होगी। इसके लिए कुछ नियमित वनडे खिलाड़ियों को भी टेस्ट प्रारूप में तैयार किया जाएगा ताकि विदेशी परिस्थितियों में बेहतर प्रदर्शन किया जा सके।
गंभीर ने कहा कि टीम प्रबंधन अब हर बड़े दौरे के लिए पहले से योजना बनाकर खिलाड़ियों को तैयार करने की रणनीति पर काम कर रहा है।
ऋषभ पंत को लेकर भी दिया बयान
ऋषभ पंत को टेस्ट टीम की उपकप्तानी से हटाए जाने के मुद्दे पर गंभीर ने कहा कि टीम प्रबंधन का पूरा समर्थन पंत के साथ है, लेकिन उन्हें मैच की परिस्थितियों को और बेहतर तरीके से समझने की जरूरत है।
उन्होंने कहा, “हम नहीं चाहते कि ऋषभ पंत अपनी स्वाभाविक शैली बदलें, लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में खिलाड़ियों को मैच की स्थिति का सम्मान करना भी जरूरी होता है।”
मुल्लांपुर में होगा भारत-अफगानिस्तान मुकाबला
भारत और अफगानिस्तान के बीच खेला जाने वाला यह एकमात्र टेस्ट मैच शनिवार से मुल्लांपुर में शुरू होगा। हालांकि यह मुकाबला मौजूदा विश्व टेस्ट चैंपियनशिप चक्र का हिस्सा नहीं है, लेकिन भारतीय टीम के लिए आगामी महत्वपूर्ण टेस्ट श्रृंखलाओं की तैयारी के लिहाज से इसे काफी अहम माना जा रहा है।
अब सभी की नजरें टीम इंडिया की अंतिम प्लेइंग इलेवन और खासकर नंबर-3 बल्लेबाज के चयन पर टिकी हुई हैं।

