मैनचेस्टर: भारत और इंग्लैंड के बीच खेले गए दूसरे टी20 मुकाबले में टीम इंडिया को 4 विकेट से हार का सामना करना पड़ा। एक समय तक मुकाबले पर भारत की मजबूत पकड़ दिखाई दे रही थी, लेकिन 17वें ओवर में रवि बिश्नोई की लगातार गलतियों ने मैच का पूरा रुख बदल दिया। बिश्नोई ने अपने चार ओवरों में बिना कोई विकेट लिए 60 रन खर्च किए, लेकिन उनकी गेंदबाजी से ज्यादा चर्चा उनकी ओर से डाली गई तीन ‘साइड नो-बॉल’ की हो रही है।
17वें ओवर में पलट गया पूरा मुकाबला
इंग्लैंड को जीत के लिए आखिरी 24 गेंदों में 49 रन चाहिए थे और भारतीय टीम मजबूत स्थिति में थी। ऐसे में कप्तान ने 17वां ओवर रवि बिश्नोई को सौंपा, लेकिन यही फैसला मैच का टर्निंग पॉइंट बन गया।
ओवर की पहली गेंद पर टीवी अंपायर ने पाया कि गेंदबाजी के दौरान बिश्नोई का पिछला पैर रिटर्न क्रीज की सफेद लाइन के बाहर चला गया था। इसे तुरंत नो-बॉल करार दिया गया और इंग्लैंड को फ्री-हिट मिली। जैकब बेथेल ने इस फ्री-हिट पर शानदार छक्का जड़ दिया।
दबाव में आए बिश्नोई ने अगली ही गेंद पर फिर वही गलती दोहरा दी। दूसरी लगातार साइड नो-बॉल के बाद मिली फ्री-हिट को भी बेथेल ने छक्के के लिए भेज दिया। इन दो गेंदों ने मैच का पूरा समीकरण बदल दिया और इंग्लैंड पर बना दबाव पूरी तरह खत्म हो गया।
इसके बाद इंग्लैंड को अंतिम 18 गेंदों में सिर्फ 20 रन चाहिए थे, जिसे उसने आसानी से हासिल कर लिया।
क्या होती है ‘साइड नो-बॉल’?
क्रिकेट में अधिकांश दर्शक फ्रंट-फुट नो-बॉल से परिचित होते हैं, जिसमें गेंदबाज का अगला पैर पॉपिंग क्रीज से आगे निकल जाता है। लेकिन रवि बिश्नोई के मामले में गलती अलग थी।
साइड नो-बॉल (Back-foot No-Ball) तब दी जाती है जब गेंदबाजी के दौरान गेंदबाज का पिछला पैर रिटर्न क्रीज (Return Crease) की साइड लाइन को छू लेता है या उसके बाहर चला जाता है। नियमों के अनुसार गेंदबाज का पिछला पैर पूरी तरह रिटर्न क्रीज के अंदर रहना चाहिए। ऐसा नहीं होने पर गेंद नो-बॉल घोषित की जाती है और बल्लेबाजी टीम को फ्री-हिट मिलती है।
एक मैच में तीन साइड नो-बॉल ने बढ़ाई चिंता
क्रिकेट में इस तरह की नो-बॉल बहुत कम देखने को मिलती है, लेकिन रवि बिश्नोई ने इस मुकाबले में तीन बार यही गलती दोहराई। इससे उनके रन-अप और गेंदबाजी एक्शन पर सवाल खड़े हो गए हैं।
टीम इंडिया के लिए यह चिंता का विषय है क्योंकि इस तरह की तकनीकी गलतियां करीबी मुकाबलों में भारी पड़ सकती हैं। यदि बिश्नोई जल्द अपने रन-अप और फुटवर्क में सुधार नहीं करते हैं, तो भविष्य में भी ऐसी गलतियां टीम के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती हैं।
भारत को मिली सीरीज में झटका
रवि बिश्नोई की महंगी गेंदबाजी और लगातार मिली फ्री-हिट का इंग्लैंड ने पूरा फायदा उठाया। आखिरकार हैरी ब्रूक की कप्तानी वाली टीम ने चार विकेट से मुकाबला जीतकर सीरीज में महत्वपूर्ण बढ़त हासिल कर ली।

