इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर बड़ा कदम, उत्तर प्रदेश के जेवर में 6,750 करोड़ रुपये के निवेश से लगेंगे अत्याधुनिक मैन्युफैक्चरिंग प्लांट
भारत इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाने जा रहा है। अब तक मोबाइल, कंप्यूटर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के सबसे महत्वपूर्ण हिस्से प्रिंटेड सर्किट बोर्ड (PCB) के लिए विदेशों पर निर्भर रहने वाला भारत अब इनका बड़े पैमाने पर स्वदेशी उत्पादन करेगा। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि देश में पीसीबी निर्माण शुरू होने से हर साल लगभग 40,000 करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा की बचत होगी।
आयात पर निर्भरता होगी खत्म
भारत वर्तमान में दुनिया का छठा सबसे बड़ा इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यातक देश है। सरकार का लक्ष्य अब इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाकर वैश्विक स्तर पर दूसरा स्थान हासिल करना है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारतीय उद्योग अब केवल इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की असेंबली तक सीमित नहीं है, बल्कि डीप मैन्युफैक्चरिंग की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। पीसीबी किसी भी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का मुख्य आधार होता है, जो उसके सभी इलेक्ट्रॉनिक पुर्जों को आपस में जोड़ने और संचार स्थापित करने का काम करता है।
देश में अब 20 से 22 लेयर वाले एडवांस प्रिंटेड सर्किट बोर्ड का निर्माण किया जाएगा। इससे मोबाइल, कंप्यूटर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के लिए जरूरी पुर्जों का आयात कम होगा और ‘मेक इन इंडिया’ के तहत भारत वैश्विक सप्लाई चेन का महत्वपूर्ण हिस्सा बनेगा। स्वदेशी उत्पादन से इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों की निर्माण लागत घटने की भी संभावना है, जिसका लाभ भविष्य में उपभोक्ताओं को मिल सकता है।
जेवर बनेगा नया इलेक्ट्रॉनिक्स हब
इस महत्वाकांक्षी योजना को साकार करने के लिए उत्तर प्रदेश के जेवर को प्रमुख इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) क्षेत्र में नए इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर की आधारशिला रखी।
इस परियोजना के तहत एम्बर एंटरप्राइजेज दक्षिण कोरिया की कोरिया सर्किट (KCC) के साथ मिलकर 3,250 करोड़ रुपये के संयुक्त उद्यम की शुरुआत करेगी। इस अत्याधुनिक संयंत्र में हाई-डेंसिटी इंटरकनेक्ट (HDI) PCB, फ्लेक्सिबल PCB और सेमीकंडक्टर सब्सट्रेट का उत्पादन किया जाएगा।
इसके अलावा, एम्बर एंटरप्राइजेज 100 एकड़ भूमि पर 3,500 करोड़ रुपये के निवेश से एक और आधुनिक प्लांट स्थापित करेगी, जहां रूम एयर कंडीशनर और कॉपर क्लैड लैमिनेट्स से जुड़े महत्वपूर्ण पुर्जों का निर्माण किया जाएगा।
3,000 लोगों को मिलेगा रोजगार
इन दोनों मेगा परियोजनाओं के शुरू होने से देश की तकनीकी क्षमता मजबूत होगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। शुरुआती अनुमान के अनुसार, इन इकाइयों से करीब 3,000 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा।
पर्यावरण संरक्षण पर भी रहेगा फोकस
कंपनी के अनुसार, दोनों मैन्युफैक्चरिंग इकाइयों को जीरो लिक्विड डिस्चार्ज (ZLD) तकनीक के आधार पर विकसित किया जाएगा। इसका अर्थ है कि फैक्ट्री से निकलने वाले पानी का पूरी तरह पुनर्चक्रण (रीसाइक्लिंग) किया जाएगा। इससे जल संरक्षण के साथ-साथ पर्यावरण अनुकूल और टिकाऊ (सस्टेनेबल) औद्योगिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।

