शेयर बाजार में तूफानी तेजी, सेंसेक्स 1,364 अंक उछला; निफ्टी भी 1.5% से ज्यादा चढ़ा

Thecity news
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विदेशी निवेशकों की खरीदारी और अमेरिकी बाजारों में जोरदार तेजी से घरेलू बाजार को सहारा मिला, वित्तीय और रियल्टी शेयरों में सबसे ज्यादा उछाल रहा।

गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार ने जोरदार तेजी के साथ कारोबार की शुरुआत की। बाजार खुलते ही दलाल स्ट्रीट पर रौनक लौट आई और सेंसेक्स तथा निफ्टी दोनों प्रमुख सूचकांक मजबूती के साथ खुले। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स करीब 1,400 अंक उछल गया, जबकि निफ्टी में 1.5 प्रतिशत से अधिक की बढ़त दर्ज की गई।

बीएसई सेंसेक्स 1,364.35 अंक यानी 1.76 प्रतिशत की तेजी के साथ 78,665.75 के स्तर पर खुला। वहीं, एनएसई निफ्टी 50 ने 374 अंक यानी 1.56 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,334.60 के स्तर पर कारोबार शुरू किया।

वित्तीय और रियल्टी शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी

सेक्टोरल आधार पर वित्तीय शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी देखने को मिली। निफ्टी प्राइवेट बैंक सूचकांक 2 प्रतिशत से अधिक चढ़ गया। रियल्टी सेक्टर में भी मजबूती रही और निफ्टी रियल्टी में 1.86 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।

इसके अलावा सीमेंट, ऑटो, आईटी, ऑयल एंड गैस और पीएसयू बैंक शेयरों में भी 1.8 प्रतिशत तक की तेजी रही। एफएमसीजी, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, मेटल, मीडिया और केमिकल सेक्टर के शेयर भी हरे निशान में कारोबार करते दिखे। इन सेक्टरों में 1 से 1.5 प्रतिशत तक की बढ़त दर्ज की गई।

निफ्टी के लिए 24,500 से 24,700 का स्तर अहम

बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, निफ्टी अभी भी अपने 200-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (ईएमए) 23,904 के ऊपर बना हुआ है। तकनीकी रूप से इसे तेजी का मजबूत संकेत माना जा रहा है।

निफ्टी का रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (आरएसआई) बढ़कर 68.55 पर पहुंच गया है, जो बाजार में मजबूत गति को दर्शाता है। हालांकि, निकट अवधि में मुनाफावसूली की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।

विश्लेषकों के अनुसार, निफ्टी के लिए 24,000 से 24,200 का स्तर निकटतम सपोर्ट जोन है, जबकि 24,500 से 24,700 का दायरा महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस जोन माना जा रहा है।

एफआईआई की खरीदारी से बाजार को सहारा

विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की लगातार खरीदारी से भी बाजार को मजबूती मिली है। बुधवार को एफआईआई ने लगातार चौथे कारोबारी सत्र में खरीदारी करते हुए 7,284 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

इसके उलट घरेलू संस्थागत निवेशक (डीआईआई) लगातार चौथे दिन शुद्ध विक्रेता रहे। उन्होंने इस दौरान 3,712 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।

अमेरिकी बाजारों में भी जोरदार तेजी

वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों ने भी भारतीय शेयर बाजार को मजबूती दी। अमेरिकी शेयर बाजार में डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 3 प्रतिशत से अधिक उछल गया। यह चार दशकों में मध्यावधि चुनावों के बाद उसका सबसे मजबूत प्रदर्शन माना जा रहा है।

वहीं, एसएंडपी 500 और नैस्डैक कंपोजिट में भी 1.4 प्रतिशत से अधिक की बढ़त दर्ज की गई। अमेरिकी कांग्रेस के दोनों सदनों में डेमोक्रेटिक पार्टी की स्पष्ट जीत के बाद राजनीतिक अनिश्चितता कम होने की उम्मीद में निवेशकों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी।

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से राहत

ऊर्जा बाजार में भी बड़ी गिरावट देखने को मिली। ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 10 प्रतिशत गिरकर 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे बंद हुई। इसके अलावा अमेरिकी 10-वर्षीय ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड घटकर करीब 4.89 प्रतिशत पर आ गई। इससे दुनियाभर में जोखिम वाली परिसंपत्तियों को समर्थन मिला।

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