महाराष्ट्र की पिंक ई-रिक्शा योजना को मिलेगी रफ्तार, पहले चरण में 5,000 महिलाओं को मिलेगा लाभ; लाइसेंस प्रक्रिया होगी आसान

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मुंबई: महाराष्ट्र सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए अपनी महत्वाकांक्षी ‘पिंक ई-रिक्शा योजना’ को तेजी से आगे बढ़ा रही है। महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिती तटकरे ने विधान परिषद में जानकारी देते हुए कहा कि चालू वित्तीय वर्ष के पहले चरण में 5,000 महिलाओं को इस योजना का लाभ देने का लक्ष्य तय किया गया है। सरकार योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विभिन्न विभागों के साथ समन्वय कर रही है।

पहले आठ शहरों में शुरू हुई थी योजना

मंत्री अदिती तटकरे ने बताया कि वर्ष 2024 में इस योजना की शुरुआत प्रायोगिक आधार पर पुणे, नाशिक, नागपुर, अहिल्यानगर, अमरावती, छत्रपति संभाजीनगर, कोल्हापुर और सोलापुर में की गई थी। पहले चरण के सकारात्मक परिणाम मिलने के बाद अब इसे राज्य के अन्य शहरों और नगर परिषद क्षेत्रों तक विस्तार देने की तैयारी है।

महिलाओं को मिलेगा रोजगार और सुरक्षित परिवहन

पिंक ई-रिक्शा योजना का उद्देश्य महिलाओं को स्वरोजगार उपलब्ध कराने के साथ-साथ महिला यात्रियों को सुरक्षित यात्रा का विकल्प देना है। इसी कारण योजना के तहत ई-रिक्शा का संचालन महिला चालक द्वारा किया जाना अनिवार्य रखा गया है। हालांकि, कुछ आवेदकों ने किसी अन्य व्यक्ति से वाहन चलवाने की इच्छा जताई है, जिस पर सरकार नियमानुसार विचार कर रही है।

लाइसेंस प्रक्रिया होगी आसान

सरकार ने लाभार्थी महिलाओं के लिए ड्राइविंग लाइसेंस की प्रक्रिया को भी सरल बनाने का फैसला किया है। परिवहन विभाग के साथ समन्वय कर ऐसी व्यवस्था की जा रही है, जिससे महिलाओं को आरटीओ कार्यालय के बार-बार चक्कर न लगाने पड़ें।

मंत्री ने बताया कि प्रशिक्षण, चार्जिंग स्टेशन और अन्य आवश्यक सुविधाओं की जिम्मेदारी आपूर्तिकर्ता कंपनी को सौंपी गई है। लाभार्थियों को निःशुल्क प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि वे आसानी से ई-रिक्शा संचालन शुरू कर सकें।

योजना की प्रमुख बातें

  • चालू वित्तीय वर्ष में 5,000 महिलाओं को लाभ देने का लक्ष्य।
  • अब तक 130 पिंक ई-रिक्शा वितरित किए जा चुके हैं।
  • राज्यभर से 9,940 आवेदन प्राप्त हुए हैं।
  • योजना में 20% सरकारी अनुदान, 70% बैंक ऋण और 10% लाभार्थी अंशदान का प्रावधान है।
  • महिला चालकों को निःशुल्क प्रशिक्षण और चार्जिंग सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

सरकार का फोकस महिलाओं के सशक्तिकरण पर

राज्य सरकार का कहना है कि जनजागरूकता अभियान, प्रशिक्षण और विभागीय समन्वय के जरिए योजना को व्यापक स्तर पर लागू किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य अधिक से अधिक महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ना और सुरक्षित सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देना है।

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