लॉर्ड्स में खेले गए रोमांचक फाइनल में मैनचेस्टर सुपर जायंट्स ने ट्रेंट रॉकेट्स को पांच विकेट से हराकर पहली बार मेन्स द हंड्रेड का खिताब अपने नाम किया। टिम सीफर्ट ने 38 गेंदों पर 72 रन की विस्फोटक पारी खेलकर टीम की ऐतिहासिक जीत की नींव रखी।
मैनचेस्टर सुपर जायंट्स ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पहली बार मेन्स द हंड्रेड का खिताब जीत लिया। 16 अगस्त को लॉर्ड्स में खेले गए रोमांचक फाइनल में मैनचेस्टर ने ट्रेंट रॉकेट्स को पांच विकेट से पराजित किया। दो बार फाइनल में हार का दर्द झेल चुकी मैनचेस्टर की टीम के लिए तीसरा मौका यादगार साबित हुआ।
न्यूजीलैंड के टिम सीफर्ट इस ऐतिहासिक जीत के सबसे बड़े हीरो रहे। उन्होंने महज 38 गेंदों पर 72 रन की विस्फोटक पारी खेलकर मुश्किल लक्ष्य को आसान बना दिया।
तीसरी कोशिश में मैनचेस्टर ने जीती ट्रॉफी
मैनचेस्टर इससे पहले 2022 और 2023 में लगातार फाइनल तक पहुंचा था, लेकिन दोनों बार ट्रॉफी उसके हाथ नहीं लगी। 2022 में ट्रेंट रॉकेट्स ने ही उसे खिताबी मुकाबले में हराया था, जबकि अगले साल ओवल इनविंसिबल्स ने उसकी उम्मीदें तोड़ दी थीं।
इस बार मैनचेस्टर ने पुराने हिसाब को चुकता करते हुए ट्रेंट रॉकेट्स को खिताब से दूर कर दिया। सुपर जायंट्स परिवार के लिए यह पहली टी20 ट्रॉफी भी है, ऐसे में टीम के मालिक संजीव गोयनका के लिए यह भावुक पल रहा।
ट्रेंट रॉकेट्स ने बनाए 158 रन
पहले बल्लेबाजी करने उतरी ट्रेंट रॉकेट्स को फिन एलन और बेन डकेट ने 48 रन की मजबूत शुरुआत दिलाई। मैनचेस्टर के तेज गेंदबाज शुरुआती साझेदारी नहीं तोड़ पाए तो कप्तान जोस बटलर ने अफगानिस्तान के स्पिनर नूर अहमद को मोर्चे पर लगाया।
नूर अहमद ने सिर्फ चार गेंदों के अंदर दोनों सलामी बल्लेबाजों को आउट करके मैनचेस्टर की वापसी करा दी। इसके बाद एन्यूरिन डोनाल्ड ने जवाबी हमला करते हुए 19 गेंदों पर 38 रन ठोक दिए। हालांकि, दूसरे छोर से विकेट गिरते रहे और ट्रेंट रॉकेट्स का स्कोर एक समय 97 रन पर पांच विकेट हो गया।
पारी के आखिरी हिस्से में लुईस ग्रेगरी ने 32 रन और मिचेल सेंटनर ने नाबाद 20 रन बनाकर तेजी से रन जुटाए। ट्रेंट रॉकेट्स ने अंतिम 30 गेंदों पर 61 रन जोड़े और आठ विकेट पर 158 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया।
लॉर्ड्स में इस सीजन का औसत स्कोर 141 रन रहा था, ऐसे में मैनचेस्टर के सामने 159 रन का लक्ष्य आसान नहीं था।
सीफर्ट ने आमिर की जमकर धुनाई की
159 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए टिम सीफर्ट ने शुरुआत से ही अपने इरादे साफ कर दिए। उन्होंने मोहम्मद आमिर की शुरुआती पांच गेंदों पर 14 रन ठोककर ट्रेंट के गेंदबाजों पर दबाव बना दिया।
इसके बाद सीफर्ट ने पॉल वॉल्टर के साथ महज 31 गेंदों पर 61 रन की साझेदारी की। उन्होंने सिर्फ 23 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा कर लिया। सीफर्ट की 72 रन की पारी में सात छक्के और चार चौके शामिल रहे।
कप्तान जोस बटलर ने भी 14 गेंदों पर 23 रन की तेज पारी खेली, जिसमें तीन छक्के शामिल थे। ल्यूस डू प्लोय ने 18 गेंदों पर नाबाद 27 रन बनाकर टीम के रनचेज को आसान बनाया।
आखिरी ओवरों में लौटा रोमांच
टिम सीफर्ट जब आउट हुए, तब मैनचेस्टर को 22 गेंदों पर सिर्फ 23 रन की जरूरत थी। मुकाबला आसानी से खत्म होता दिखाई दे रहा था, लेकिन ट्रेंट रॉकेट्स ने लगातार विकेट लेकर फाइनल में रोमांच वापस ला दिया।
एन्यूरिन डोनाल्ड ने शानदार कैच लेकर हेनरिक क्लासेन को पवेलियन भेजा, जबकि माइकल ब्रेसवेल बिना खाता खोले आउट हो गए। मुकाबला आखिरकार अंतिम पांच गेंदों तक पहुंच गया।
दबाव के इस मौके पर लियाम डॉसन ने कोई गलती नहीं की। उन्होंने बेन सैंडरसन की गेंद पर मिडविकेट के ऊपर से छक्का जड़कर दो गेंद बाकी रहते मैनचेस्टर सुपर जायंट्स की ऐतिहासिक जीत पर मुहर लगा दी।
सीफर्ट बने टूर्नामेंट के मोस्ट वैल्युएबल प्लेयर
फाइनल के हीरो टिम सीफर्ट के लिए पूरा टूर्नामेंट शानदार रहा। उन्होंने पूरे सीजन में 394 रन बनाए और सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में दूसरे स्थान पर रहे।
अपने दमदार प्रदर्शन के लिए सीफर्ट को टूर्नामेंट का मोस्ट वैल्युएबल प्लेयर चुना गया। उनकी शानदार बल्लेबाजी ने मैनचेस्टर सुपर जायंट्स को पहली बार द हंड्रेड का चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई।

