शेयर बाजार की कमजोर शुरुआत, निफ्टी 22 अंक गिरकर खुला; कच्चे तेल की तेजी ने बढ़ाई चिंता

Thecity news
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कारोबारी सप्ताह के पहले दिन सोमवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई। निफ्टी 22 अंक गिरकर 24,343 पर और बैंक निफ्टी 72 अंक फिसलकर 57,418 पर खुला। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और आईटी व बैंकिंग शेयरों में दबाव ने बाजार का मूड कमजोर किया।

कारोबारी सप्ताह के पहले दिन सोमवार, 17 अगस्त को शेयर बाजार की शुरुआत बेहद कमजोर रही। निफ्टी 22 अंकों की गिरावट के साथ 24,343 पर खुला, जबकि बैंक निफ्टी 72 अंक फिसलकर 57,418 पर पहुंच गया। बीएसई सेंसेक्स भी लाल निशान में खुला।

निवेशकों की चिंता बढ़ाने वाली सबसे बड़ी वजह कच्चे तेल की कीमतों में तेजी रही। सोमवार को ब्रेंट क्रूड करीब 89 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर कारोबार करता नजर आया।

मिडस्मॉल फाइनेंशियल सर्विसेज इंडेक्स में सबसे ज्यादा गिरावट

बाजार में सबसे अधिक कमजोरी निफ्टी मिडस्मॉल फाइनेंशियल सर्विसेज इंडेक्स में देखने को मिली। यह करीब 0.98 प्रतिशत तक फिसल गया। इसके अलावा निफ्टी पीएसयू बैंक और निफ्टी एफएमसीजी में भी करीब 0.9 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई।

रियल्टी, सीमेंट, आईटी, ऊर्जा और निजी बैंकिंग शेयरों में भी बिकवाली का दबाव रहा। हालांकि, कुछ सेक्टरों में खरीदारी देखने को मिली। निफ्टी केमिकल्स इंडेक्स 0.48 प्रतिशत मजबूत हुआ, जबकि निफ्टी मिडस्मॉल हेल्थकेयर इंडेक्स में करीब 0.45 प्रतिशत की तेजी रही।

आईटी सेक्टर के शेयरों पर दबाव

निफ्टी 50 में एचसीएलटेक, इंफोसिस, टीएमपीवी, टीसीएस, डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज और विप्रो के शेयरों में सबसे ज्यादा कमजोरी देखने को मिली।

इसके विपरीत, एचडीएफसी लाइफ, हिंडाल्को, मैक्स हेल्थ, ओएनजीसी, आयशर मोटर्स और टाइटन के शेयर बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए।

बाजार विशेषज्ञों का अनुमान है कि निकट अवधि में निफ्टी 24,000 से 24,600 अंकों के दायरे में कारोबार कर सकता है। उनका कहना है कि जब तक बाजार को कोई नया सकारात्मक ट्रिगर नहीं मिलता, तब तक इसमें सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।

कच्चे तेल की कीमतों ने बढ़ाई चिंता

विश्लेषकों के मुताबिक, कच्चे तेल की कीमत करीब 89 डॉलर प्रति बैरल बनी हुई है। अमेरिका-ईरान संघर्ष के जल्द खत्म होने को लेकर भी फिलहाल कोई स्पष्ट संकेत नहीं है। ऐसे में ऊंची तेल कीमतें भारतीय शेयर बाजार में तेजी की संभावनाओं को सीमित कर सकती हैं।

इसके अलावा आईटी कंपनियों और बड़े बैंकिंग शेयरों का कमजोर प्रदर्शन भी प्रमुख सूचकांकों पर दबाव बना रहा है।

मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों पर नजर

विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा बाजार परिस्थितियों में निवेशक निफ्टी 50 से बाहर भी अवसर तलाश सकते हैं। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में स्टॉक-विशिष्ट गतिविधियां मजबूत बनी हुई हैं।

पहली तिमाही के नतीजों के दौरान भी व्यापक बाजार ने बेहतर प्रदर्शन किया है। ऐसे में बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच निवेशकों की नजर मजबूत बुनियादी स्थिति वाली कंपनियों और चुनिंदा मिडकैप-स्मॉलकैप शेयरों पर रह सकती है।

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