लॉर्ड्स में खेले गए फाइनल में मैनचेस्टर सुपर जायंट्स ने ट्रेंट रॉकेट्स को 5 विकेट से हराकर द हंड्रेड 2026 का पुरुष खिताब अपने नाम कर लिया। टिम सिफर्ट की तूफानी पारी और लियाम डॉसन के निर्णायक छक्के ने टीम को ऐतिहासिक जीत दिलाई।
मैनचेस्टर सुपर जायंट्स ने द हंड्रेड 2026 का पुरुष खिताब अपने नाम कर इतिहास रच दिया है। लॉर्ड्स में खेले गए फाइनल में टीम ने ट्रेंट रॉकेट्स को 5 विकेट से हराकर पहली बार ट्रॉफी जीती। ट्रेंट रॉकेट्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 158/8 रन बनाए। इसके जवाब में मैनचेस्टर सुपर जायंट्स ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए लक्ष्य हासिल कर लिया।
मैनचेस्टर सुपर जायंट्स की शुरुआत बेहद आक्रामक रही। टिम सिफर्ट ने सिर्फ 38 गेंदों पर 72 रन की तूफानी पारी खेलकर टीम की जीत की नींव रखी। आखिरी ओवरों में मुकाबला रोमांचक हो गया, लेकिन लियाम डॉसन ने छक्का लगाकर मैनचेस्टर सुपर जायंट्स को जीत दिला दी।
टिम सिफर्ट ने खेली तूफानी पारी
फाइनल में टिम सिफर्ट मैनचेस्टर सुपर जायंट्स की जीत के सबसे बड़े नायकों में रहे। उन्होंने 38 गेंदों पर 72 रन की शानदार पारी खेली और शुरुआती ओवरों में ही टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया।
उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने ट्रेंट रॉकेट्स के गेंदबाजों पर दबाव बना दिया। हालांकि आखिरी चरण में कुछ विकेट गिरने से मुकाबला रोमांचक हो गया, लेकिन मैनचेस्टर सुपर जायंट्स ने अपना संयम बनाए रखा और खिताब अपने नाम कर लिया।
संजीव गोयनका का रिएक्शन हुआ वायरल
ऐतिहासिक जीत के बाद टीम के मालिक संजीव गोयनका का रिएक्शन भी सोशल मीडिया पर चर्चा में रहा। उन्होंने अपनी टीम को बधाई देते हुए इसे सुपर जायंट्स परिवार के लिए गर्व का पल बताया।
गोयनका ने पूरी टीम के प्रयास की तारीफ की। उन्होंने टिम सिफर्ट की शानदार पारी, नूर अहमद की बेहतरीन गेंदबाजी और कप्तान जोस बटलर के नेतृत्व को खास तौर पर सराहा।
संजीव गोयनका ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि टीम अपने पहले ही सीजन में चैंपियन बनी है और लॉर्ड्स में मिली यह जीत पूरे सुपर जायंट्स परिवार के लिए बेहद खास है। उन्होंने कहा कि पहले मैच से लेकर आखिरी मुकाबले तक यह पूरी टीम की मेहनत का नतीजा है।
गोयनका ने टिम सिफर्ट की पारी की तारीफ करते हुए नूर अहमद के अहम विकेटों और जोस बटलर के पूरे सीजन में किए गए नेतृत्व को भी सराहा। उन्होंने नॉकआउट मुकाबलों में टीम की एकजुटता को सीजन का निर्णायक मोड़ बताया और टीम के खिलाड़ियों के साथ-साथ समर्थकों को भी जीत का श्रेय दिया।
मैनचेस्टर सुपर जायंट्स का बदला नाम
खास बात यह है कि मैनचेस्टर सुपर जायंट्स इस सीजन से पहले मैनचेस्टर ओरिजिनल्स के नाम से जानी जाती थी। संजीव गोयनका के ग्रुप ने फ्रेंचाइजी में हिस्सेदारी हासिल करने के बाद इसका नाम बदलकर मैनचेस्टर सुपर जायंट्स कर दिया था।
ऐसे में नए नाम और नए दौर में टीम का पहला ही सीजन ऐतिहासिक बन गया। मैनचेस्टर सुपर जायंट्स ने शानदार प्रदर्शन करते हुए द हंड्रेड की ट्रॉफी अपने नाम की और संजीव गोयनका की फ्रेंचाइजी को पहली बार इस टूर्नामेंट का चैंपियन बनाया।
सुपर जायंट्स परिवार के लिए खास उपलब्धि
द हंड्रेड का खिताब जीतना संजीव गोयनका के लिए इसलिए भी खास है क्योंकि उनकी फ्रेंचाइजी ने पहली बार इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट की ट्रॉफी अपने नाम की है। फाइनल में टीम के सामूहिक प्रदर्शन और मुश्किल परिस्थितियों में संयम ने उसे चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई।

