उत्तराखंड में मेडिकल अफसर के 287 पदों के लिए 2200 से अधिक आवेदन आए हैं। MBBS डॉक्टरों को अब सरकारी नौकरी के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है।
क्या है खबर?
उत्तराखंड में एमबीबीएस डॉक्टरों के लिए सरकारी नौकरी हासिल करना अब आसान नहीं रहा। पढ़ाई पूरी होते ही मिलने वाली मेडिकल अफसर की शर्तिया नौकरी के लिए भी अब कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिल रही है।
287 पदों के लिए 2200 से ज्यादा आवेदन
स्वास्थ्य विभाग में लंबे समय से खाली चल रहे मेडिकल अफसर के 287 पदों के लिए चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड ने हाल ही में भर्ती विज्ञप्ति जारी की थी। इन पदों के लिए अब तक 2200 से अधिक आवेदन प्राप्त हो चुके हैं।
एक पद के लिए आठ डॉक्टरों में मुकाबला
राज्य में पहली बार ऐसी स्थिति बनी है जब एक मेडिकल अफसर पद के लिए लगभग 8 MBBS डॉक्टरों के बीच प्रतिस्पर्धा हो रही है। भर्ती पूरी होने के बाद सभी पद भर जाएंगे और भविष्य में केवल रिटायरमेंट या इस्तीफे की स्थिति में ही पद खाली हो सकेंगे।
हर साल तैयार हो रहे 1300 MBBS डॉक्टर
पिछले कुछ वर्षों में उत्तराखंड में बड़ी संख्या में सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेज खुले हैं। इसके चलते हर साल करीब 1300 नए MBBS डॉक्टर तैयार हो रहे हैं, जबकि सरकारी पद सीमित हैं।
PG डॉक्टरों को मिलेगा ज्यादा फायदा
आवेदनों की भारी संख्या को देखते हुए साफ है कि इस बार बेहतर एकेडमिक रिकॉर्ड और PG डिग्री वाले डॉक्टरों को ही नौकरी मिलने की अधिक संभावना है। केवल MBBS पास उम्मीदवारों के लिए चयन कठिन माना जा रहा है।
स्वास्थ्य मंत्री का बयान
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि,
“मेडिकल अफसर के 287 पदों के लिए 2200 से अधिक आवेदन मिले हैं। आने वाले दो वर्षों में विशेषज्ञ डॉक्टरों के अधिकांश पद भी भर जाएंगे, जिससे आम जनता को बड़ी राहत मिलेगी।”

