17 दिन से अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक के समर्थन में पहुंचे भीम आर्मी प्रमुख, बोले- ‘सरकार को किसी की जान की परवाह नहीं’
नई दिल्ली: भीम आर्मी प्रमुख और सांसद चंद्रशेखर आजाद बुधवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचे, जहां कथित NEET-UG पेपर लीक और परीक्षा में धांधली के विरोध में चल रहे प्रदर्शन को अपना समर्थन दिया। इस दौरान उन्होंने आंदोलनकारियों को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला और कहा कि देश में लोकतंत्र कमजोर हो रहा है तथा सरकार जनता की आवाज सुनने को तैयार नहीं है।
जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक पिछले 17 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे हैं। चंद्रशेखर आजाद ने उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताते हुए आंदोलनकारियों के साथ एकजुटता दिखाई।
‘सरकार को किसी की जान की परवाह नहीं’
अपने संबोधन में चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि सोनम वांगचुक और छात्र लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि कोई व्यक्ति आंदोलन के दौरान अपनी जान भी गंवा दे, तब भी सरकार पर कोई असर नहीं पड़ता।
उन्होंने कहा कि छात्रों को बारिश में धरना देते देख उन्हें पीड़ा होती है और सरकार को उनकी बात सुननी चाहिए।
‘मैं बैठ गया तो लाखों लोग पहुंच जाएंगे’
चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि यदि उनके पास समय होता तो वह भी आंदोलनकारियों के साथ धरने पर बैठ जाते। उन्होंने दावा किया कि यदि वह अनशन में शामिल होते हैं तो बड़ी संख्या में लोग आंदोलन से जुड़ जाते और सरकार पर दबाव बढ़ता।
17 दिन से अनशन पर हैं सोनम वांगचुक
लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक पिछले 17 दिनों से जंतर-मंतर पर अनशन कर रहे हैं। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में युवा शामिल हैं, जो NEET-UG परीक्षा में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं के खिलाफ निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, लंबे अनशन के कारण सोनम वांगचुक का स्वास्थ्य लगातार गिर रहा है। कई सामाजिक संगठनों, सार्वजनिक हस्तियों और विपक्षी नेताओं ने उनसे स्वास्थ्य को देखते हुए अनशन समाप्त करने की अपील भी की है।
CJP ने सभी दलों से मांगा समर्थन
आंदोलन का नेतृत्व कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने विभिन्न राजनीतिक दलों से समर्थन की अपील की है। पार्टी ने सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेताओं को पत्र लिखकर आंदोलन में शामिल होने और छात्रों की मांगों का समर्थन करने का आग्रह किया है।
बताया जा रहा है कि CJP के नेता अभिजीत दिपके ने मंगलवार को चंद्रशेखर आजाद से मुलाकात कर आंदोलन में आने का अनुरोध किया था, जिसके बाद आजाद जंतर-मंतर पहुंचे।
क्या हैं आंदोलनकारियों की मांगें?
आंदोलनकारी NEET-UG परीक्षा में कथित धांधली और पेपर लीक की निष्पक्ष जांच, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़े मामले में जवाबदेही तय होनी चाहिए।

