एमके स्टालिन की सुरक्षा में कटौती, Z+ से घटाकर Z श्रेणी की गई

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तमिलनाडु की विजय सरकार ने खतरे के आकलन के बाद लिया फैसला, अब 54 की जगह 34 सुरक्षाकर्मी रहेंगे तैनात

तमिलनाडु की विजय सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्री और डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन की सुरक्षा में कटौती की है। स्टालिन को पहले जेड प्लस (Z+) सुरक्षा मिली हुई थी, जिसे अब घटाकर जेड (Z) श्रेणी कर दिया गया है। सुरक्षा में यह बदलाव खतरे के आकलन और उनकी मौजूदा सुरक्षा जरूरतों की समीक्षा के बाद किया गया है।

54 की जगह 34 सुरक्षाकर्मी होंगे तैनात

मुख्य सचिव साई कुमार की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में गृह सचिव के। मणिवासन और वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी शामिल हुए। बैठक में एमके स्टालिन को उपलब्ध कराई जा रही सुरक्षा की समीक्षा की गई।

सुरक्षा जरूरतों और खतरे के आकलन के आधार पर उनकी सुरक्षा को Z+ से घटाकर Z श्रेणी करने का फैसला लिया गया। इसके बाद अब स्टालिन की सुरक्षा में पहले के 54 सुरक्षाकर्मियों की जगह करीब 34 सुरक्षाकर्मी तैनात रहेंगे।

सीआरपीएफ कमांडो संभालेंगे सुरक्षा

Z श्रेणी की सुरक्षा के तहत केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के कमांडो स्टालिन की सुरक्षा में तैनात रहेंगे। सुरक्षा व्यवस्था इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) की थ्रेट परसेप्शन रिपोर्ट और सुरक्षा जरूरतों के आधार पर तय की जाती है।

स्टालिन की सुरक्षा में CRPF के 33 से ज्यादा कमांडो बारी-बारी से 24 घंटे तैनात रहेंगे। इनमें 12 कमांडो उनके नजदीकी सुरक्षा घेरे में रहेंगे, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके।

तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा बदलाव

तमिलनाडु में 2026 के विधानसभा चुनाव के बाद राजनीतिक समीकरणों में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। लंबे समय से राज्य की राजनीति द्रमुक (DMK) और अन्नाद्रमुक (AIADMK) के इर्द-गिर्द घूमती रही थी, लेकिन अभिनेता से राजनेता बने विजय के नेतृत्व वाली टीवीके सरकार ने इस राजनीतिक व्यवस्था को चुनौती दी है।

विजय सरकार के 100 दिन पूरे होने के बाद राज्य सरकार ने ‘100 डेज ऑफ गवर्नेंस-ए गवर्नमेंट फॉर जनरेशन्स’ नाम से अपनी उपलब्धियों का रिपोर्ट कार्ड भी जारी किया था।

डीएमके और टीवीके के बीच बढ़ी राजनीतिक टक्कर

विजय के मुख्यमंत्री बनने के बाद डीएमके और सत्तारूढ़ टीवीके के बीच राजनीतिक टकराव लगातार बढ़ा है। पूर्व मुख्यमंत्री और डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन भी सरकार के कई फैसलों को लेकर सवाल उठाते रहे हैं।

ऐसे राजनीतिक माहौल के बीच स्टालिन की सुरक्षा में कटौती का फैसला चर्चा में आ गया है। हालांकि सरकार की ओर से सुरक्षा में बदलाव का आधार राजनीतिक कारण नहीं, बल्कि सुरक्षा समीक्षा और खतरे का आकलन बताया गया है।

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