मुंबई लोकल ट्रेनों में मोटरमैन केबिन में 2 मेगापिक्सल फ्रंट कैमरे लगाए जा रहे हैं। यह कैमरे ‘क्रू वॉयस एंड वीडियो रिकॉर्डिंग सिस्टम’ (CVVRS) का हिस्सा हैं, जो ट्रैक और केबिन की वीडियो-ऑडियो रिकॉर्डिंग करेगा। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, 2026 तक सभी लोकल ट्रेन केबिन इस सिस्टम से कवर हो जाएंगे।
कैमरा सिस्टम और इंस्टॉलेशन
पश्चिम रेलवे और मध्य रेलवे दोनों ने अपने-अपने कारशेड में CVVRS की इंस्टॉलेशन शुरू कर दी है। 1920×1080 रिजॉल्यूशन वाले ये कैमरे दिन के समय बेहतर रिकॉर्डिंग देंगे, जबकि बारिश, कोहरा और रात में विजुअल की क्वालिटी प्रभावित हो सकती है।
हर CVVRS किट में 6 कैमरे और एक ऑडियो रिकॉर्डिंग यूनिट होती है:
- 2 कैमरे ट्रैक पर नजर रखते हैं।
- 2 कैमरे मोटरमैन और ट्रेन मैनेजर के केबिन की रिकॉर्डिंग करते हैं।
- 2 अन्य 180-डिग्री कैमरे ट्रेन के दोनों ओर के ट्रैक का वीडियो रिकॉर्ड करते हैं।
मध्य रेलवे ने अब तक 322 मोटर केबिनों में से 151 में CVVRS इंस्टॉल कर दिया है, जबकि पश्चिम रेलवे ने 224 में से 61 में यह सिस्टम लगाया है।
तकनीकी खूबियां और सुरक्षा
- हाई वोल्टेज सेफ्टी और लाइटनिंग प्रोटेक्शन।
- 25 फ्रेम प्रति सेकंड तक रिकॉर्डिंग।
- इनफ्रारेड आउटडोर तकनीक।
- ‘डी-मिस्ट’ फीचर पर विचार, ताकि धुंध या नमी के दौरान भी रिकॉर्डिंग साफ रहे।
- यह सिस्टम केवल रिकॉर्डिंग करेगा, लाइव फीड उपलब्ध नहीं होगी।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि मोबाइल के उच्च मेगापिक्सल कैमरों से अलग, इन कैमरों की लेंस क्वालिटी और सेंसर पर्याप्त हैं और ट्रैक और केबिन की गतिविधियों की पूरी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करेंगे।

