बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अगले 5 साल में 1 करोड़ युवाओं को रोजगार देने का वादा किया है। बंद चीनी मिलों को चालू करने, टेक्नोलॉजी हब और फिनटेक सिटी स्थापित करने की तैयारी शुरू।
बिहार में प्रचंड बहुमत के साथ 10वीं बार मुख्यमंत्री बनने के बाद नीतीश कुमार ने युवाओं को रोजगार देने के अपने चुनावी वादे को पूरा करने की तैयारी शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया के माध्यम से राज्य में रोजगार सृजन के लिए बनाई जा रही योजनाओं और नीतियों की जानकारी साझा की।
तैयारी
उद्यमियों से सुझाव लिए जा रहे हैं
नीतीश ने बताया कि राज्य में प्रौद्योगिकी और सेवा आधारित नवाचारों के माध्यम से न्यू ऐज इकोनॉमी का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए बिहार से जुड़े अग्रणी उद्यमियों के सुझाव लिए जाएंगे, जिनके आधार पर योजनाओं और नीतियों का निर्धारण किया जाएगा।
राज्य को ‘वैश्विक-बैक एंड-हब’ और ‘ग्लोबल वर्क प्लेस’ के रूप में स्थापित करने के लिए प्रमुख विभागों और प्रतिष्ठित अर्थशास्त्रियों की मदद से विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
रोजगार
बंद चीनी मिलों को दोबारा चालू करने की योजना
बिहार में बड़ी संख्या में युवा मानव संसाधन उपलब्ध होने के कारण राज्य को पूर्वी भारत का नया टेक्नोलॉजी हब बनाने की तैयारी है। इसके लिए रक्षा गलियारा, सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग पार्क, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स, मेगा टेक सिटी और फिनटेक सिटी की स्थापना की जाएगी।
साथ ही नई चीनी मिलों की स्थापना और बंद पड़ी चीनी मिलों को पुनः चालू करने के लिए विशेष नीति और कार्ययोजना बनाई जाएगी।
कार्ययोजना
उच्च स्तरीय समिति गठित
बिहार के शहरों के विकास के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशन की स्थापना की जाएगी। सभी योजनाओं और नीतियों के क्रियान्वयन और अनुश्रवण के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समिति गठित की गई है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने चुनाव से पहले युवाओं को अगले 5 साल में 1 करोड़ रोजगार देने का वादा किया था, जिसे पूरा करने के लिए यह व्यापक तैयारी शुरू हो गई है।

