नई दिल्ली: NEET UG 2026 पेपर लीक विवाद के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) परीक्षा प्रश्नपत्र तैयार करने की पूरी प्रक्रिया में बड़े बदलाव की तैयारी कर रही है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत प्रश्न तैयार करने वाले विषय विशेषज्ञों (Subject Experts) को यह जानकारी नहीं होगी कि उनके द्वारा बनाए गए सवाल NEET, JEE या NTA की किसी अन्य परीक्षा में इस्तेमाल किए जाएंगे। सरकार के पास फिलहाल यह प्रस्ताव विचाराधीन है और इसे अगले वर्ष से लागू किए जाने पर चर्चा चल रही है।
पेपर लीक रोकने के लिए बदलेगा प्रश्नपत्र तैयार करने का सिस्टम
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, NTA परीक्षा प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया को विशिष्ट परीक्षाओं से पूरी तरह अलग करने पर काम कर रही है। नए मॉडल में विशेषज्ञ केवल प्रश्न तैयार करेंगे, जबकि उन प्रश्नों को एक बड़े केंद्रीय डेटाबेस या रिपॉजिटरी में जमा किया जाएगा। बाद में इसी रिपॉजिटरी से विभिन्न परीक्षाओं के लिए अंतिम प्रश्नपत्र तैयार किए जाएंगे।
अधिकारियों का मानना है कि इस व्यवस्था से अंतिम प्रश्नपत्र के बारे में जानकारी रखने वाले लोगों की संख्या बेहद सीमित रह जाएगी, जिससे पेपर लीक की संभावना काफी हद तक कम हो सकती है।
NEET 2026 पेपर लीक जांच के बाद सामने आया प्रस्ताव
यह कदम केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा NEET UG 2026 पेपर लीक मामले की जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के बाद उठाया जा रहा है। मामले में अब तक कई ट्रांसलेटर्स और विषय विशेषज्ञों सहित 13 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, जांच एजेंसियों का मानना है कि प्रश्नपत्र लीक की घटना गोपनीय परीक्षा संचालन (CONOPs) के शुरुआती चरण में हुई थी। विशेषज्ञों और अनुवादकों की गिरफ्तारी के बाद यह सवाल भी उठने लगा कि परीक्षा प्रक्रिया में शामिल व्यक्तियों पर पूरी तरह निर्भर रहना कितना सुरक्षित है।
मानवीय हस्तक्षेप कम करने पर जोर
एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने कहा कि यदि प्रश्नपत्र से छेड़छाड़ होती है तो यह केवल कागज और कलम की समस्या नहीं बल्कि पूरी प्रणाली के डिजाइन और संरचना की समस्या है। उन्होंने कहा कि सरकार परीक्षा प्रक्रिया में मानवीय हस्तक्षेप को न्यूनतम करने और ‘जीरो टॉलरेंस’ वाली व्यवस्था विकसित करने पर काम कर रही है।
10,000 सवालों का तैयार हो सकता है विशाल प्रश्न बैंक
प्रस्तावित मॉडल के तहत NTA विभिन्न विषयों के हजारों प्रश्नों का एक बड़ा प्रश्न बैंक तैयार कर सकती है। अधिकारियों के अनुसार, लगभग 10,000 या उससे अधिक प्रश्नों का संग्रह बनाया जा सकता है, जिसमें से अलग-अलग परीक्षाओं के लिए अंतिम प्रश्नपत्र तैयार किए जाएंगे।
इस मॉडल का उद्देश्य प्रश्नपत्र निर्माण प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और गोपनीय बनाना है ताकि भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
21 जून को होगा NEET UG का री-एग्जाम
गौरतलब है कि 3 मई को आयोजित NEET UG परीक्षा पेपर लीक विवाद के बाद रद्द कर दी गई थी। अब इस परीक्षा का री-एग्जाम 21 जून को आयोजित किया जाएगा। पेपर लीक मामले ने NTA की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए थे, जिसके बाद एजेंसी परीक्षा सुरक्षा से जुड़े व्यापक सुधारों पर विचार कर रही है।

