कांग्रेस नेता नवजोत कौर सिद्धू के विस्फोटक बयान ने पंजाब की राजनीति में हलचल मचा दी है। उन्होंने खुलकर दावा किया कि पंजाब का मुख्यमंत्री बनने के लिए 500 करोड़ रुपये का सूटकेस चाहिए, बिना इसके कोई भी शीर्ष पद हासिल नहीं कर सकता। उनके इस बयान ने न सिर्फ राज्य की राजनीति में तूफान खड़ा कर दिया, बल्कि कांग्रेस के भीतर खींचतान को भी उजागर कर दिया है।
🔹 “CM की कुर्सी के लिए 500 करोड़ चाहिए” — नवजोत कौर सिद्धू
गवर्नर गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में नवजोत कौर ने कहा:
“हम सिर्फ पंजाब की बात करते हैं, पर हमारे पास 500 करोड़ नहीं हैं कि सीएम बन सकें। जो 500 करोड़ का सूटकेस देता है, वही मुख्यमंत्री बनता है।”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनसे सीधे पैसे की मांग नहीं हुई, लेकिन राजनीति के अंदरूनी हालात खुद इस दिशा में इशारा करते हैं।
कौर ने कांग्रेस में दरार का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कम से कम पांच नेता सीएम बनने की महत्वाकांक्षा रखते हैं और सिद्धू को मौका नहीं देना चाहते।
साथ ही उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस आधिकारिक तौर पर सिद्धू को सीएम चेहरा घोषित करती है, तभी वे राजनीति में वापसी करेंगे, वरना वे “राजनीति से बाहर खुश हैं और अच्छी कमाई कर रही हैं।”
🔹 बीजेपी ने साधा कांग्रेस पर निशाना
कांग्रेस पर हमला बोलते हुए बीजेपी ने इस बयान को संस्थागत भ्रष्टाचार का सबूत बताया।
बीजेपी प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी बोले:
“नवजोत कौर का बयान दिखाता है कि कांग्रेस भीतर तक भ्रष्टाचार में डूबी है। CM बनने के लिए सूटकेस में 500 करोड़ चाहिए—यह कांग्रेस की असल तस्वीर है।”
पंजाब बीजेपी प्रमुख सुनील जाखड़ ने इसे कांग्रेस की ‘लेन-देन वाली राजनीति’ बताया और दावा किया कि एक पूर्व कांग्रेस मुख्यमंत्री ने भी 350 करोड़ रुपये देकर पद हासिल किया था।
उन्होंने मौजूदा AAP सरकार को भी निशाने पर लिया और राज्य पुलिस को “वर्दी वाले गुंडे” करार दिया।
जाखड़ ने सवाल उठाया कि पंजाब में इतने सीनियर पुलिस अधिकारी क्यों हैं और कुछ पर भ्रष्टाचार और वसूली के आरोप लगे क्यों हैं।
🔹 पंजाब कांग्रेस में गुटबाजी फिर उजागर
नवजोत सिंह सिद्धू पिछले कई महीनों से पार्टी की सक्रिय राजनीति से दूर हैं।
– 2024 लोकसभा चुनाव प्रचार में हिस्सा नहीं लिया
– IPL कमेंट्री में व्यस्त
– हाल ही में अपना YouTube चैनल शुरू किया
कांग्रेस 2027 विधानसभा चुनाव से पहले पहले ही नेतृत्व संकट और गुटबाजी से संघर्ष कर रही है।
नवजोत कौर के बयान ने इस आंतरिक कलह को और उजागर कर दिया है।
फिलहाल ruling AAP की ओर से इस पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं आई है।

