छत्तीसगढ़ में जन्मी छात्रा ने इंटरनेशनल बैकलॉरिएट (IB) डिप्लोमा प्रोग्राम में हासिल किया परफेक्ट स्कोर, कठिन विषय संयोजन के साथ दुनिया के चुनिंदा टॉपर्स में बनाई जगह
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में जन्मीं श्रेया श्रुति मिश्रा ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए इंटरनेशनल बैकलॉरिएट (IB) डिप्लोमा प्रोग्राम में 45 में से पूरे 45 अंक प्राप्त किए हैं। Chinmaya International Residential School की छात्रा श्रेया दुनिया भर के उन चुनिंदा विद्यार्थियों में शामिल हो गई हैं, जिन्होंने इस प्रतिष्ठित और चुनौतीपूर्ण परीक्षा में परफेक्ट स्कोर हासिल किया है। उनकी इस सफलता ने न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश का गौरव बढ़ाया है।
श्रेया की इस उपलब्धि के पीछे उनकी जिज्ञासा, अनुशासित अध्ययन, कठिन परिश्रम और उत्कृष्टता के प्रति समर्पण को प्रमुख कारण माना जा रहा है। परिवार के सहयोग और स्कूल के सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण ने भी उनकी सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी उपलब्धि देशभर के छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है।

क्या है IB डिप्लोमा प्रोग्राम?
इंटरनेशनल बैकलॉरिएट (IB) डिप्लोमा प्रोग्राम दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित और चुनौतीपूर्ण स्कूल स्तर के पाठ्यक्रमों में गिना जाता है। यह दो वर्षीय प्री-यूनिवर्सिटी प्रोग्राम 16 से 19 वर्ष की आयु के विद्यार्थियों के लिए बनाया गया है। दुनिया की कई प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय IB के अंकों को विशेष महत्व देती हैं।
इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों को भाषा एवं साहित्य, भाषा अधिग्रहण, व्यक्ति एवं समाज, विज्ञान, गणित और कला जैसे छह विषय समूहों में से विषय चुनने होते हैं। हर वर्ष लाखों छात्रों में से केवल बेहद कम विद्यार्थी ही 45 में 45 अंक प्राप्त कर पाते हैं।
सबसे कठिन विषय संयोजन के साथ हासिल की सफलता
श्रेया ने हाई लेवल (HL) में गणित, फिजिक्स और इकोनॉमिक्स जैसे कठिन विषयों का चयन किया। वहीं स्टैंडर्ड लेवल (SL) में केमिस्ट्री, अंग्रेजी और हिंदी की पढ़ाई की। विशेषज्ञों के अनुसार यह विषय संयोजन अत्यंत चुनौतीपूर्ण माना जाता है, जिसमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करना आसान नहीं होता।
रायपुर से कोयंबटूर तक का प्रेरणादायक सफर
श्रेया का जन्म रायपुर में हुआ। उन्होंने अपनी शुरुआती शिक्षा ज्ञान गंगा एजुकेशनल एकेडमी, रायपुर से प्राप्त की। इसके बाद छठी कक्षा में उन्होंने कोयंबटूर स्थित चिन्मया इंटरनेशनल रेजिडेंशियल स्कूल में प्रवेश लिया। दसवीं तक उन्होंने CBSE बोर्ड से पढ़ाई की और फिर 11वीं-12वीं के लिए IB डिप्लोमा प्रोग्राम का चयन किया। नए शैक्षणिक ढांचे में खुद को सफलतापूर्वक ढालते हुए उन्होंने यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की।
पढ़ाई के साथ हर क्षेत्र में उत्कृष्ट
श्रेया केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं रहीं। वह थिएटर, खेलकूद और स्टूडेंट लीडरशिप गतिविधियों में भी सक्रिय भागीदारी निभाती रही हैं। आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, रचनात्मक सोच और टीमवर्क उनकी प्रमुख विशेषताएं मानी जाती हैं। उन्होंने IB की समग्र विकास (Holistic Development) की अवधारणा को वास्तविक रूप में प्रस्तुत किया है।
प्रशासनिक सेवा से जुड़ा है परिवार
श्रेया की मां Sonal Verma Mishra तमिलनाडु कैडर की IPS अधिकारी हैं और वर्तमान में Central Reserve Police Force में इंस्पेक्टर जनरल के पद पर कार्यरत हैं। उनके पिता Santosh Mishra वरिष्ठ IAS अधिकारी रह चुके हैं और विभिन्न महत्वपूर्ण सरकारी पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। दोनों अधिकारियों ने छत्तीसगढ़ में भी लंबे समय तक प्रशासनिक जिम्मेदारियां निभाई हैं।
श्रेया श्रुति मिश्रा की यह उपलब्धि उन विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक उदाहरण है, जो कठिन लक्ष्य निर्धारित कर मेहनत और अनुशासन के दम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाना चाहते हैं।

