अमेरिका-ईरान तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से शेयर बाजार पर दबाव, ऑयल-गैस और ऑटो शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली
भारतीय शेयर बाजार में लगातार पांच कारोबारी सत्रों की तेजी के बाद बुधवार को गिरावट देखने को मिली। सप्ताह के तीसरे कारोबारी दिन बाजार की शुरुआत ही कमजोर रही और शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 435.11 अंक (0.56%) गिरकर 77,745.61 पर कारोबार करता दिखाई दिया। वहीं, एनएसई निफ्टी 138.70 अंक (0.57%) टूटकर 24,260.00 के स्तर पर पहुंच गया।
विश्लेषकों के अनुसार, बाजार में यह कमजोरी अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव तथा कच्चे तेल की कीमतों में आई तेज बढ़ोतरी के कारण देखने को मिली। वैश्विक अनिश्चितता के चलते निवेशकों ने मुनाफावसूली की, जिससे बाजार पर दबाव बना।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी बिकवाली
केवल लार्जकैप शेयर ही नहीं, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी कमजोरी दर्ज की गई। शुरुआती कारोबार में निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 169 अंक (0.27%) गिरकर 62,116 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 55 अंक (0.29%) की गिरावट के साथ 19,164 पर कारोबार करता नजर आया।
ऑयल-गैस और ऑटो सेक्टर सबसे ज्यादा दबाव में
सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो ऑयल एंड गैस तथा ऑटो सेक्टर में सबसे ज्यादा बिकवाली देखने को मिली। इसके अलावा पीएसयू बैंक, इन्फ्रा, मीडिया, पीएसई, कमोडिटीज और एफएमसीजी सेक्टर भी लाल निशान में कारोबार कर रहे थे।
हालांकि, फार्मा, हेल्थकेयर, आईटी और इंडिया डिफेंस सेक्टर के शेयरों में खरीदारी देखने को मिली, जिससे इन सूचकांकों ने हरे निशान में कारोबार किया।
इन शेयरों में रही सबसे ज्यादा हलचल
सेंसेक्स के प्रमुख गेनर्स में सन फार्मा, एचसीएल टेक, इन्फोसिस, टीसीएस, पावर ग्रिड और टेक महिंद्रा शामिल रहे।
वहीं इंडिगो, एशियन पेंट्स, मारुति सुजुकी, महिंद्रा एंड महिंद्रा, बजाज फाइनेंस, एचयूएल, अल्ट्राटेक सीमेंट, एसबीआई, बीईएल, एलएंडटी, कोटक महिंद्रा बैंक, टाटा स्टील, एक्सिस बैंक, ट्रेंट और भारती एयरटेल के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।
एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख
वैश्विक बाजारों में भी मिश्रित रुख देखने को मिला। टोक्यो और सोल के बाजार लाल निशान में कारोबार कर रहे थे, जबकि शंघाई और हांगकांग के शेयर बाजार बढ़त के साथ खुले। इससे पहले अमेरिकी शेयर बाजार मंगलवार को गिरावट के साथ बंद हुए थे।
बाजार पर दबाव की प्रमुख वजह अमेरिका द्वारा ईरान पर नए सैन्य हमले और ईरान के तेल निर्यात से जुड़े लाइसेंस रद्द किए जाने को माना जा रहा है, जिससे पश्चिम एशिया में तनाव फिर बढ़ गया है।
कच्चे तेल में तेज उछाल
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल बाजार पर भी देखने को मिला। ब्रेंट क्रूड की कीमत 2.66% बढ़कर 76.13 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई, जबकि डब्ल्यूटीआई क्रूड 2.64% की तेजी के साथ 72.33 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता नजर आया। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।

