श्रद्धा कपूर फिल्म ‘ईथा’ की शूटिंग के दौरान घायल हो गईं। लावणी डांस करते समय उनका संतुलन बिगड़ने से पैर की उंगली में फ्रैक्चर हो गया। शूटिंग 2 हफ्ते के लिए रोकी गई।
श्रद्धा कपूर शूटिंग के दौरान घायल, पैर की उंगली में फ्रैक्चर
बॉलीवुड एक्ट्रेस श्रद्धा कपूर अपनी आने वाली फिल्म की शूटिंग के दौरान घायल हो गई हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनके बाएं पैर की एक उंगली में फ्रैक्चर हो गया है, जिसके बाद फिल्म की शूटिंग को फिलहाल रोक दिया गया है।
श्रद्धा इन दिनों निर्देशक लक्ष्मण उतेकर की फिल्म ‘ईथा’ की शूटिंग कर रही हैं, जिसका शेड्यूल नासिक में चल रहा था। शूटिंग के दौरान एक डांस सीक्वेंस करते वक्त यह हादसा हुआ।
लावणी डांस करते हुए बिगड़ा संतुलन
मिड डे की रिपोर्ट के अनुसार, श्रद्धा फिल्म में एक लावणी डांस सीक्वेंस शूट कर रही थीं।
यह वही पारंपरिक डांस फॉर्म है जिसके लिए दिग्गज कलाकार विठाबाई नारायणगांवकर मशहूर थीं। श्रद्धा फिल्म में विठाबाई की ही भूमिका निभा रही हैं और इसी लावणी स्टाइल को पर्दे पर दिखाने की तैयारी कर रही थीं।
तेज और ऊर्जा से भरपूर स्टेप्स करते हुए अचानक एक मूव में उनका संतुलन बिगड़ गया, जिससे यह चोट लगी।
लावणी डांस हुआ भारी, उंगली में फ्रैक्चर
रिपोर्ट के अनुसार, श्रद्धा ने गलती से अपना पूरा वजन बाएं पैर पर डाल दिया, जिससे उंगली में फ्रैक्चर हो गया।
घटना के समय श्रद्धा ने
- नौवारी साड़ी,
- भारी गहने,
- और कमरपट्टा
पहना हुआ था, जिसकी वजह से स्टेप्स और भी चुनौतीपूर्ण हो गए थे।
विठाबाई की भूमिका निभाने के लिए श्रद्धा ने 15 किलो वजन भी बढ़ाया है।
फिल्म की शूटिंग कब शुरू होगी?
सूत्रों के अनुसार, चोट लगने के बाद निर्देशक लक्ष्मण उतेकर ने शूटिंग रोक दी।
हालांकि श्रद्धा ने दिन खराब न करने के लिए सुझाव दिया कि इस बीच क्लोज-अप सीन शूट किए जा सकते हैं। मुंबई लौटने के बाद श्रद्धा ने कुछ भावनात्मक दृश्यों की शूटिंग भी की।
लेकिन कुछ दिनों बाद उनके पैर में दर्द बढ़ गया, जिसके चलते टीम को फिर शूटिंग रोकनी पड़ी।
फिल्म की टीम अब 2 हफ्ते बाद शूटिंग फिर शुरू करेगी, जब श्रद्धा पूरी तरह फिट हो जाएंगी।
पहली बार बायोपिक कर रहीं श्रद्धा
‘ईथा’ के साथ श्रद्धा कपूर पहली बार किसी बायोपिक में काम कर रही हैं।
वे दिग्गज लावणी कलाकार विठाबाई नारायणगांवकर का किरदार निभा रही हैं, जिन्हें ‘तमाशा साम्राज्ञी’ भी कहा जाता है।
विठाबाई एक ऐसे दौर से आती थीं, जहां महिलाओं के लिए मंच पर अपनी कला दिखाना बेहद मुश्किल था। लेकिन उन्होंने कम उम्र में ही तमाशा में एक अद्वितीय पहचान बना ली थी।

