राहुल के बाद अब सोनिया गांधी से गुहार, व्यापारियों ने रखीं दो बड़ी मांगें

Thecity news
5 Min Read

दिल्ली में विपक्ष की प्रस्तावित रैली से त्योहारी कारोबार प्रभावित होने की आशंका जताते हुए सीटीआई ने तारीख और आयोजन स्थल बदलने की अपील की है।

एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित विपक्ष की रैली को लेकर व्यापारिक संगठनों की चिंता बढ़ती जा रही है। चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआई) ने राहुल गांधी के बाद अब कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी को पत्र लिखकर रैली टालने की अपील की है।

सीटीआई का कहना है कि 31 अक्टूबर और 1 नवंबर को रैली के कारण दिल्ली में कारोबार और यातायात प्रभावित हो सकता है। संगठन के मुताबिक, इससे दिल्ली के करीब 20 लाख व्यापारियों की आजीविका पर असर पड़ने की आशंका है।

सीटीआई ने अपने पत्र में 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन का उदाहरण दिया है। संगठन का दावा है कि उस दिन करीब 5 से 7 हजार लोगों के जुटने से मध्य दिल्ली में आठ घंटे तक यातायात प्रभावित रहा था। ऐसे में 10 लाख लोगों के शामिल होने के दावे वाली रैली से हालात और बिगड़ सकते हैं।

सीटीआई ने सोनिया गांधी के सामने रखीं दो मांगें

सीटीआई ने सोनिया गांधी से दो मांगें की हैं। पहली, एक नवंबर को प्रस्तावित रैली को दिवाली के बाद 10 या 11 नवंबर के बाद आयोजित किया जाए, ताकि धनतेरस और दीपावली के दौरान कारोबार प्रभावित न हो।

दूसरी मांग है कि यदि रैली तय तारीख पर ही करनी है तो इसका आयोजन रामलीला मैदान के बजाय बुराड़ी मैदान में किया जाए। सीटीआई के मुताबिक, वहां करीब 15 हजार वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था उपलब्ध है।

20 बाजारों में रोजाना हजारों करोड़ का कारोबार

सीटीआई ने पत्र में कहा है कि दिल्ली के करीब 20 प्रमुख बाजार राजधानी की आर्थिक गतिविधियों का अहम हिस्सा हैं। संगठन के अनुसार, इन बाजारों में रोजाना 10 से 12 हजार करोड़ रुपये का कारोबार होता है।

व्यापारियों को आशंका है कि मध्य दिल्ली में यातायात बाधित होने से धनतेरस और दीपावली के लिए आने-जाने वाले सामान की आपूर्ति प्रभावित होगी। सीटीआई का कहना है कि रोजाना दिल्ली के आसपास के शहरों और कस्बों से करीब 3 से 4 लाख लोग खरीदारी के लिए आते हैं। यातायात की परेशानी के कारण वे बाजारों में आने से बच सकते हैं।

सोनिया गांधी को लिखे पत्र में सीटीआई ने कहा है कि राहुल गांधी से भी मुलाकात और रैली टालने की अपील की गई थी, लेकिन उनकी ओर से सहमति नहीं मिली। संगठन ने अब सोनिया गांधी से हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है।

अखिलेश यादव और ममता बनर्जी को भी लिखा पत्र

दिल्ली के अन्य व्यापारिक संगठनों ने भी विपक्षी नेताओं से इस मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की है। सदर बाजार ट्रेड एसोसिएशन फेडरेशन और किराना कमेटी दिल्ली ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पत्र लिखे हैं।

संगठनों ने दोनों नेताओं से कांग्रेस नेतृत्व के सामने व्यापारियों की चिंताएं रखने का आग्रह किया है। उनके मुताबिक, धनतेरस से दीपावली के बीच दिल्ली में करीब 25 हजार करोड़ रुपये का कारोबार होता है।

व्यापारी संगठनों ने दावा किया है कि सितंबर और अक्टूबर में हुए प्रदर्शनों, रैलियों और यातायात प्रतिबंधों के कारण पहले ही करीब 3 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है।

10 हजार करोड़ रुपये तक के अतिरिक्त नुकसान की आशंका

व्यापारिक संगठनों ने चेतावनी दी है कि खरीदारी के सबसे व्यस्त समय में एक और बड़ी रैली होने से कारोबार को 10 हजार करोड़ रुपये तक का अतिरिक्त नुकसान हो सकता है।

उनका कहना है कि इसका असर केवल व्यापारियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि श्रमिकों, डिलीवरी कर्मियों और कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की आजीविका भी प्रभावित हो सकती है।

संगठनों के मुताबिक, रामलीला मैदान के पांच किलोमीटर के दायरे में सदर बाजार, खारी बावली और चांदनी चौक समेत करीब 20 प्रमुख थोक और खुदरा बाजार स्थित हैं। इसी वजह से व्यापारी रैली की तारीख या आयोजन स्थल बदलने की मांग कर रहे हैं।

Share This Article