वेनेजुएला में भारतीय नाविक के शव से अंग गायब मिलने के मामले में भारतीय दूतावास सख्त, गहन जांच की मांग

Thecity news
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वेनेजुएला में भारतीय मर्चेंट नेवी कर्मी राकेश चौहान के शव से कई अंदरूनी अंग गायब मिलने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस घटना पर भारत सरकार ने भी कड़ा रुख अपनाया है। कराकस स्थित भारतीय दूतावास ने शव के साथ हुई इस कथित अभद्रता को गंभीर मामला बताते हुए वेनेजुएला के अधिकारियों से निष्पक्ष और गहन जांच की मांग की है। वहीं, मृतक के परिजनों ने भी पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

भारतीय दूतावास ने जताई कड़ी आपत्ति

भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में कहा कि दिवंगत राकेश चौहान के शव के साथ हुई कथित अभद्रता और उनके अंग निकाले जाने के मामले को वेनेजुएला के संबंधित अधिकारियों के समक्ष गंभीरता से उठाया गया है। दूतावास ने स्पष्ट किया कि घटना की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय प्रशासन के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा जा रहा है।

जहाज पर काम के दौरान हुई थी मौत

उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के रहने वाले 33 वर्षीय राकेश चौहान नवंबर 2025 में एक निजी कंपनी के माध्यम से मर्चेंट जहाज पर क्रू मेंबर के रूप में वेनेजुएला गए थे। परिवार के मुताबिक, कंपनी ने मई 2026 में सूचना दी थी कि जहाज पर गिरने से उन्हें गंभीर चोटें आई हैं और उनका इलाज चल रहा है। अगले ही दिन परिवार को उनकी मौत की खबर दे दी गई।

हालांकि कंपनी ने एक सप्ताह के भीतर शव भारत भेजने का आश्वासन दिया था, लेकिन परिजनों के अनुसार शव करीब एक महीने बाद भारत पहुंचा।

दूसरे पोस्टमार्टम में सामने आया बड़ा खुलासा

परिजनों को पहले बताया गया कि विदेश में पोस्टमार्टम हो चुका है और दोबारा पोस्टमार्टम नहीं किया जा सकता। बाद में जिला प्रशासन की अनुमति मिलने पर देवरिया में दोबारा पोस्टमार्टम कराया गया।

देवरिया मेडिकल कॉलेज के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (CMS) डॉ. एच.के. मिश्रा के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में राकेश के शरीर से मस्तिष्क, हृदय, लिवर, दोनों फेफड़े, प्लीहा, दोनों किडनी, अग्न्याशय, पेट और आंतों समेत कई महत्वपूर्ण अंदरूनी अंग गायब पाए गए। इसके अलावा थायरॉयड, हायोइड हड्डी, लैरिंक्स और ट्रेकिया भी नहीं मिले। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि अंदरूनी अंगों के अभाव में मौत के वास्तविक कारण का पता लगाना संभव नहीं हो सका।

परिवार ने लगाए गंभीर आरोप

राकेश के पिता रामदेव चौहान का आरोप है कि परिवार को उनके बेटे की मौत से जुड़ी परिस्थितियों के बारे में पूरी जानकारी नहीं दी गई। उनका कहना है कि विदेश में हुए पोस्टमार्टम की रिपोर्ट और अन्य आधिकारिक दस्तावेज भी परिवार को उपलब्ध नहीं कराए गए। उन्होंने केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार से निष्पक्ष जांच, संबंधित कंपनी के खिलाफ कार्रवाई और दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की मांग की है।

सीफेरर्स यूनियन ने भी उठाई कार्रवाई की मांग

फेडरेशन ऑफ सीफेरर्स यूनियंस ऑफ इंडिया (FSUI) ने भी इस मामले को गंभीर बताते हुए वेनेजुएला के अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि शव को आवश्यक पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य दस्तावेजों के बिना भारत भेजा गया। यूनियन ने पूरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट सार्वजनिक करने, निष्पक्ष जांच कराने और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की है।

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