फु क्वोक द्वीप के पास हुए दर्दनाक हादसे के बाद भारतीय दूतावास और राज्य सरकारें राहत कार्य में जुटीं, नाव के कैप्टन को पुलिस ने किया गिरफ्तार
वियतनाम के फु क्वोक द्वीप के पास हुए भीषण नाव हादसे में जान गंवाने वाले 15 भारतीय नागरिकों के पार्थिव शरीर सोमवार को विशेष विमान के जरिए मुंबई पहुंचा दिए गए। वियतनाम स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी आधिकारिक पुष्टि की है। दूतावास ने बताया कि केंद्र सरकार और संबंधित राज्य सरकारों के समन्वय से शवों को उनके गृह राज्यों तक पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है।
हनोई स्थित भारतीय दूतावास और हो ची मिन्ह सिटी स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास लगातार राहत और समन्वय कार्य में जुटे हुए हैं। आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, तेलंगाना और केरल सरकारें भी मृतकों के पार्थिव शरीर उनके परिजनों तक पहुंचाने की प्रक्रिया में सहयोग कर रही हैं।
पर्यटन के दौरान हुआ था दर्दनाक हादसा
यह हादसा फु क्वोक द्वीप के दक्षिणी समुद्री क्षेत्र में उस समय हुआ, जब पर्यटकों से भरी नाव अचानक पलट गई। नाव में कुल 32 भारतीय पर्यटक सवार थे, जो समुद्री भ्रमण के लिए निकले थे। हादसे के बाद स्थानीय प्रशासन और बचाव दल ने बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया।
एक घायल भारतीय का इलाज जारी
हादसे में घायल हुए एक भारतीय नागरिक का पहले फु क्वोक के अस्पताल में इलाज किया गया। भारतीय दूतावास के अनुसार, रविवार शाम उनकी एक महत्वपूर्ण मेडिकल प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी हुई। इसके बाद सोमवार को उन्हें बेहतर उपचार के लिए हो ची मिन्ह सिटी के एक बड़े अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनके परिवार के सदस्य भी वियतनाम पहुंच चुके हैं और अस्पताल में मौजूद हैं।
नाव का कैप्टन गिरफ्तार
हादसे के बाद वियतनाम के अन जियांग प्रांत की पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है। पुलिस ने कथित लापरवाही और कानूनी उल्लंघन के आरोप में 57 वर्षीय नाव के कैप्टन गुयेन होंग हाई को हिरासत में लिया है। वह मूल रूप से अन जियांग प्रांत का निवासी है और पर्यटन कार्य के सिलसिले में फु क्वोक में रह रहा था।
दक्षिण भारत के थे अधिकांश यात्री
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, नाव में सवार 32 भारतीय पर्यटकों में 17 यात्री तमिलनाडु के रहने वाले थे। इसके अलावा अन्य यात्री आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और केरल के निवासी थे। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय प्रशासन, तटरक्षक बल और आपातकालीन सेवाओं ने राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया, लेकिन 15 लोगों की जान नहीं बचाई जा सकी।
भारतीय दूतावास ने कहा है कि पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है और वियतनाम के अधिकारियों के साथ मिलकर मामले की निगरानी की जा रही है।

