DCM श्रीराम के शेयरों में 13% की जोरदार छलांग, छह गुना बढ़े मुनाफे ने निवेशकों को चौंकाया

Thecity news
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बेहतर तिमाही नतीजों के दम पर डीसीएम श्रीराम के शेयरों में बुधवार को जोरदार तेजी देखने को मिली। कंपनी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर छह गुना से अधिक बढ़कर 693 करोड़ रुपये पहुंच गया, जिसके बाद शेयरों में खरीदारी तेज हो गई।

शेयर बाजार में बुधवार को डीसीएम श्रीराम (DCM Shriram) के शेयरों में शानदार तेजी दर्ज की गई। बाजार खुलते ही निवेशकों ने कंपनी के शेयरों में जमकर खरीदारी की, जिससे शेयर करीब 13 प्रतिशत उछलकर बीएसई पर 1,186.50 रुपये के उच्चतम स्तर तक पहुंच गया। शुरुआती कारोबार में यह शेयर लगभग 8.3 प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार करता दिखा। इस तेजी की सबसे बड़ी वजह कंपनी के उम्मीद से बेहतर तिमाही नतीजे रहे।

छह गुना बढ़ा कंपनी का शुद्ध मुनाफा

वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में डीसीएम श्रीराम का शुद्ध मुनाफा बढ़कर 693 करोड़ रुपये हो गया, जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में कंपनी ने 113 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया था। इस मजबूत प्रदर्शन ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया और शेयरों में तेज खरीदारी देखने को मिली।

एकमुश्त आय से मिला बड़ा फायदा

कंपनी के मुनाफे में बढ़ोतरी के पीछे नियमित कारोबार के अलावा कुछ एकमुश्त आय का भी योगदान रहा। डीसीएम श्रीराम ने अपनी सहयोगी कंपनी ‘टेक्नोर एपेक्स बी.वी.’ में 50 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचकर लगभग 12 करोड़ रुपये प्राप्त किए। इसके अलावा, मोकिला गांव स्थित बायोसीड कारोबार से जुड़ी खाली जमीन की बिक्री से करीब 68 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय हुई। इन सौदों ने कंपनी की वित्तीय स्थिति को और मजबूत किया।

केमिकल और फेनेस्टा कारोबार ने दिखाई मजबूती

कंपनी का मुख्य कारोबार भी मजबूत रहा। पहली तिमाही में कुल राजस्व 9.3 प्रतिशत बढ़कर 3,565 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में 3,262 करोड़ रुपये था।

इस वृद्धि में केमिकल कारोबार का सबसे बड़ा योगदान रहा, जिसमें 33 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। वहीं, कंपनी के फेनेस्टा बिल्डिंग सिस्टम्स कारोबार ने 22 प्रतिशत की वृद्धि हासिल की। कामकाजी स्तर पर कंपनी का EBITDA बढ़कर 336 करोड़ रुपये पहुंच गया, जबकि EBITDA मार्जिन सुधरकर 9.4 प्रतिशत हो गया।

वैश्विक चुनौतियों के बीच भविष्य की रणनीति

कंपनी प्रबंधन ने पश्चिम एशिया में जारी तनाव, सप्लाई चेन पर पड़ रहे असर और ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी जैसी वैश्विक चुनौतियों का उल्लेख किया है। कंपनी के चेयरमैन अजय श्रीराम और वाइस चेयरमैन विक्रम श्रीराम का कहना है कि मानसून की धीमी शुरुआत का असर ग्रामीण मांग पर पड़ा है, लेकिन भारत की दीर्घकालिक औद्योगिक विकास क्षमता पर उनका भरोसा कायम है।

प्रबंधन के अनुसार, कंपनी नई उत्पादन क्षमता शुरू करने, पूंजी निवेश बढ़ाने और मजबूत बैलेंस शीट के दम पर भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

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