पुणे ग्रामीण पुलिस ने केतन अग्रवाल हत्या मामले में मंगेतर सिया गोयल समेत तीन आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की; पुलिस के मुताबिक हत्या को हादसा दिखाने की रची गई थी साजिश
महाराष्ट्र के पुणे जिले में स्थित ऐतिहासिक लोहागढ़ किले में 18 जून को 26 वर्षीय कारोबारी केतन अग्रवाल की मौत के मामले में पुणे ग्रामीण पुलिस ने वाडगांव मावल कोर्ट में 5,053 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है। पुलिस के मुताबिक, शुरुआत में जिस घटना को सेल्फी लेते समय खाई में गिरने का हादसा माना जा रहा था, वह कथित तौर पर एक सुनियोजित हत्या थी।
इस मामले में पुलिस ने केतन की मंगेतर सिया गोयल, उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी और उनके साथी रितेश हांगे को आरोपी बनाया है। तीनों फिलहाल न्यायिक हिरासत में पुणे की यरवदा सेंट्रल जेल में बंद हैं।
ChatGPT और क्राइम कंटेंट से हत्या की तैयारी का दावा
चार्जशीट के मुताबिक, आरोपियों ने कथित तौर पर हत्या की योजना बनाने और पुलिस से बचने के तरीकों की जानकारी जुटाने के लिए इंटरनेट, ChatGPT, क्राइम फिल्मों और मर्डर से जुड़े पॉडकास्ट का सहारा लिया।
पुलिस ने यह भी दावा किया है कि आरोपियों ने मई 2025 में मेघालय के खासी हिल्स में हुए राजा रघुवंशी हत्याकांड के बारे में इंटरनेट पर विस्तार से जानकारी जुटाई थी। इस मामले में राजा रघुवंशी की हत्या का आरोप उनकी पत्नी सोनम रघुवंशी और उसके कथित प्रेमी पर लगा था।
चार्जशीट के अनुसार, सिया ने मार्च 2025 में लोहागढ़ किले में हुई एक महिला की दुर्घटनावश मौत से जुड़ी जानकारी भी इंटरनेट पर खोजी थी। पुलिस का दावा है कि लोहागढ़ को इसलिए चुना गया, ताकि केतन की मौत को सेल्फी लेते समय पैर फिसलने से हुई दुर्घटना के रूप में पेश किया जा सके।
बाली यात्रा रद्द कराने के लिए पासपोर्ट फाड़ने का आरोप
पुलिस के मुताबिक, केतन और सिया की सगाई फरवरी 2026 में हुई थी और नवंबर में जयपुर में उनकी शादी प्रस्तावित थी। दोनों 6 जून को प्री-वेडिंग फोटोशूट के लिए बाली जाने वाले थे।
चार्जशीट के अनुसार, सिया चाहती थी कि बाली यात्रा से पहले ही केतन की हत्या कर दी जाए। पुलिस का दावा है कि एयरपोर्ट जाते समय खालापुर के एक कैफे के वॉशरूम में सिया ने केतन का पासपोर्ट फाड़कर डस्टबिन में फेंक दिया, जिसके कारण उनकी विदेश यात्रा रद्द हो गई।
पुलिस के अनुसार, 14 जून को भी सिया केतन को लोहागढ़ ले गई थी और कथित तौर पर उसे चट्टान से नीचे धक्का देने की कोशिश की थी। हालांकि, केतन एक पेड़ की झाड़ी पकड़कर बच गया। आरोप है कि इसके बाद सिया ने झाड़ी में सांप होने की बात कहकर घटना को छिपाने की कोशिश की।
‘माही’ नाम से फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट बनाने का दावा
चार्जशीट में पुलिस ने दावा किया है कि 18 जून को केतन को दोबारा लोहागढ़ लाने के लिए रितेश हांगे ने एक फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट बनाया था। इस अकाउंट का नाम ‘माही’ रखा गया और कथित तौर पर एक परिचित महिला की तस्वीर का इस्तेमाल किया गया।
पुलिस के मुताबिक, इस अकाउंट से केतन को संदेश भेजकर बताया गया कि ‘माही’ सिया के लिए सरप्राइज बर्थडे मनाना चाहती है। इसके लिए केतन को सिया के साथ चुपचाप लोहागढ़ किले पहुंचने के लिए कहा गया।
पुलिस का दावा है कि इसी झांसे में आकर केतन सिया के साथ किले पर पहुंच गया।
पीछे से धक्का देने और खाई में गिराने का आरोप
पुलिस के मुताबिक, 18 जून को चेतन चौधरी किले के एग्जिट रूट से छिपते हुए वहां पहुंचा था। चार्जशीट के अनुसार, सिया के इशारे के बाद चेतन केतन के पास पहुंचा।
पुलिस का आरोप है कि जब केतन का ध्यान दूसरी तरफ था, तब सिया ने पीछे से उसके कंधों पर जोर से धक्का दिया। इसके बाद चेतन ने उसके पैर पर लात मारी और कथित तौर पर उसे करीब 400 फीट गहरी खाई में गिरा दिया। पुलिस के अनुसार, इस घटना में केतन की मौत हो गई।
चार्जशीट के मुताबिक, वारदात के बाद फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट को डिलीट कर दिया गया।
5,053 पन्नों की चार्जशीट में क्या-क्या सबूत?
पुणे ग्रामीण पुलिस ने चार्जशीट में आरोपियों के बीच हुई बातचीत और डिजिटल गतिविधियों समेत कई तरह के साक्ष्यों को शामिल किया है। पुलिस के मुताबिक, इसमें व्हाट्सऐप चैट, फोन कॉल रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज, लोकेशन डेटा और फोरेंसिक रिपोर्ट शामिल हैं।
चार्जशीट में बड़ी संख्या में गवाहों के बयान भी दर्ज किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, मामले में करीब 80 से 85 गवाहों के बयान शामिल हैं, जिनमें कुछ ऐसे गवाह भी हैं जिन्होंने कथित तौर पर घटना को अपनी आंखों से देखा।
पुलिस का यह भी दावा है कि आरोपियों ने शुरुआत में केतन की हत्या के लिए बाहर से सुपारी किलर या शूटर की मदद लेने की कोशिश की थी। हालांकि, कथित तौर पर पहचान उजागर होने के डर से उन्होंने यह योजना छोड़ दी। पुलिस के मुताबिक, जिस व्यक्ति से सुपारी के लिए संपर्क किया गया था, वह बाद में जांच में पुलिस का गवाह बन गया।
मामले में सिया गोयल, चेतन चौधरी और रितेश हांगे के खिलाफ आगे की न्यायिक प्रक्रिया जारी है।

