एसआईआर विरोधी आंदोलन को बांग्लादेश के जेन-जी आंदोलन से जोड़ने वाले बयान पर विवाद बढ़ गया है। भाजपा ने कांग्रेस की मंशा पर सवाल उठाए हैं।
देश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच नेहा बोरा के एक बयान पर नया सियासी घमासान शुरू हो गया है। बांग्लादेश के जेन-जी आंदोलन का जिक्र करते हुए नेहा बोरा ने कहा कि वहां के आंदोलन ने दुनिया भर के युवाओं को रास्ता दिखाया। उनके इस बयान के बाद भाजपा ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर निशाना साधा है।
बांग्लादेश के आंदोलन से प्रेरणा लेने की बात
नेहा बोरा ने एसआईआर विरोधी प्रदर्शन का संबंध बांग्लादेश के आंदोलन से जोड़ते हुए कहा कि वहां की लड़ाई लोकतंत्र और मतदान के अधिकार के लिए थी। उनके मुताबिक, भारत के युवा भी लोकतंत्र और वोट के अधिकार के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
नेहा बोरा के इस बयान के बाद राजनीतिक बहस तेज हो गई है। भाजपा ने इसे कांग्रेस की राजनीति से जोड़ते हुए राहुल गांधी पर सवाल उठाए हैं।
भाजपा ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर लगाए आरोप
भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और कांग्रेस लोकतांत्रिक तरीकों से राजनीतिक विरोध करने के बजाय सत्ता परिवर्तन की कोशिश कर रहे हैं।
भंडारी ने दावा किया कि नेहा बोरा ने एक साक्षात्कार में बांग्लादेश के जेन-जी आंदोलन से प्रेरित होने और भारत में वैसा ही आंदोलन करने की बात कही थी। उन्होंने इस बयान को भारतीय संविधान और लोकतंत्र के लिए खतरा बताते हुए कांग्रेस की मंशा पर सवाल उठाए।
बयान के बाद बढ़ी राजनीतिक बयानबाजी
भाजपा ने नेहा बोरा के बयान को आधार बनाकर राहुल गांधी और कांग्रेस की भूमिका पर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, संविधान और लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाने की साजिश से जुड़े आरोप भाजपा के राजनीतिक दावे हैं। इस मामले में सभी पक्षों के बयानों और पूरे संदर्भ को ध्यान में रखना जरूरी है।

