SEBI ने 1 अक्टूबर, 2023 से भौतिक शेयरों की बिक्री बंद कर दी। जानिए डीमैट अकाउंट खोलकर, डीमैटीरियलाइजेशन फॉर्म भरकर और रजिस्ट्रार स्वीकृति लेने की पूरी प्रक्रिया।
SEBI ने बंद की भौतिक शेयर बिक्री
भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने 1 अक्टूबर, 2023 से भौतिक शेयरों की बिक्री और हस्तांतरण पर प्रतिबंध लगाया है। अब इनके नाम हटाने, डुप्लिकेट या हस्तांतरण के लिए डीमैट रूपांतरण अनिवार्य होगा। यदि आपके पास अभी भी भौतिक शेयर प्रमाणपत्र हैं, तो आप अधिकांश निवेशक सेवाओं का लाभ तब तक नहीं उठा पाएंगे जब तक इन्हें डीमैट में परिवर्तित नहीं कर लेते।
डीमैट अकाउंट की आवश्यकता
डीमैट रूपांतरण के लिए सबसे पहले आपके पास NSDL या CDSL से जुड़े किसी डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट (DP) में डीमैट अकाउंट होना चाहिए।
- अकाउंट खोलने के लिए KYC आवश्यक है, जिसमें पैन, पहचान पत्र और पते का प्रमाण शामिल है।
- यदि पहले से डीमैट अकाउंट है तो नया खोलने की जरूरत नहीं।
डीमैटीरियलाइजेशन फॉर्म भरना
डीमैट प्रक्रिया के लिए आपको डीमैटीरियलाइजेशन अनुरोध फॉर्म (DRF) भरना होगा।
- प्रमाणपत्र मूल रूप में प्रस्तुत करना होगा।
- नाम डीमैट अकाउंट में दर्ज नाम से मेल खाना चाहिए।
- किसी वर्तनी में अंतर होने पर शपथपत्र या नाम परिवर्तन दस्तावेज जरूरी होंगे।
DP DRF और प्रमाणपत्र को जारीकर्ता कंपनी के रजिस्ट्रार और ट्रांसफर एजेंट को भेज देता है।
रजिस्ट्रार की स्वीकृति
रजिस्ट्रार यह जांचता है कि प्रमाणपत्र असली हैं, खोए या स्टॉप-लिस्टेड तो नहीं, और धारक का विवरण उनके रिकॉर्ड से मेल खाता है।
- सब कुछ सही होने पर रजिस्ट्रार इलेक्ट्रॉनिक रूप से डीमैट अनुरोध की पुष्टि करता है।
- आमतौर पर 2 से 6 सप्ताह में शेयर डीमैट अकाउंट में दिखने लगते हैं।
डीमैट में रूपांतरण का फायदा
- शेयर अब किसी भी अन्य होल्डिंग की तरह बेचे जा सकते हैं।
- इन्हें लोन के लिए गिरवी रखा जा सकता है।
- इलेक्ट्रॉनिक रूप से आसानी से स्थानांतरित किया जा सकता है।
- लाभांश, बोनस शेयर और राइट्स इश्यू सीधे बैंक या डीमैट खाते में जमा होंगे।

