भारतीय शेयर बाजार में बुधवार सुबह कारोबार की शुरुआत सुस्त और मिश्रित रुख के साथ हुई। अमेरिकी बाजारों में आई गिरावट, एशियाई बाजारों से मिले मिले-जुले संकेत और विदेशी निवेशकों की बिकवाली का असर घरेलू बाजार पर साफ दिखाई दिया। शुरुआती कारोबार में निवेशकों के बीच सतर्कता का माहौल देखने को मिला, जबकि वैश्विक आर्थिक और भू-राजनीतिक घटनाक्रम बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
सेंसेक्स और निफ्टी की शुरुआती चाल
कारोबार की शुरुआत में बीएसई का 30 शेयरों वाला प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 29 अंकों की बढ़त के साथ 76,229 के स्तर पर खुला। वहीं एनएसई का निफ्टी 50 इंडेक्स 28 अंक फिसलकर 23,795 के स्तर पर खुला।
इससे पहले मंगलवार के कारोबारी सत्र में बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली थी। सेंसेक्स 893 अंक टूटकर 76,200 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 278 अंक गिरकर 23,824 के स्तर पर पहुंच गया था।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली से बढ़ा दबाव
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली बाजार पर दबाव बना रही है। वैश्विक अनिश्चितताओं और अमेरिकी बाजारों की कमजोरी के चलते विदेशी निवेशक जोखिम वाले बाजारों से दूरी बनाते दिखाई दे रहे हैं।
इसी वजह से निवेशकों को फिलहाल सावधानी बरतने और किसी भी नए निवेश निर्णय से पहले बाजार की दिशा को समझने की सलाह दी जा रही है।
एशियाई बाजारों का मिला-जुला प्रदर्शन
एशियाई शेयर बाजारों में बुधवार को मिश्रित रुख देखने को मिला।
- जापान का निक्केई 225 इंडेक्स 0.52% गिरा।
- टॉपिक्स इंडेक्स में 0.41% की कमजोरी दर्ज की गई।
- दक्षिण कोरिया का कोस्पी सकारात्मक रुख में कारोबार करता दिखाई दिया।
- चीन और अन्य प्रमुख एशियाई बाजारों में भी निवेशकों का रुख सतर्क बना रहा।
वैश्विक निवेशकों की नजर फिलहाल अमेरिकी ब्याज दरों, व्यापारिक समझौतों और मध्य पूर्व के घटनाक्रमों पर बनी हुई है।
अमेरिकी टेक शेयरों में भारी गिरावट
अमेरिकी शेयर बाजार में टेक्नोलॉजी सेक्टर के शेयरों में दबाव देखने को मिला।
- एनवीडिया के शेयर 4.15% टूटे।
- एएमडी में 5.76% की गिरावट दर्ज हुई।
- इंटेल के शेयर 6.14% फिसले।
- माइक्रोन टेक्नोलॉजी में 13.18% की बड़ी गिरावट देखने को मिली।
टेक सेक्टर में आई इस कमजोरी का असर एशियाई और भारतीय बाजारों पर भी देखने को मिल रहा है।
कच्चे तेल की कीमतों में राहत
वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट जारी रही, जिससे भारत जैसे आयातक देशों को राहत मिलने की उम्मीद है।
- ब्रेंट क्रूड 0.99% गिरकर 76.32 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
- डब्ल्यूटीआई क्रूड 1.05% टूटकर 72.44 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा।
तेल कीमतों में नरमी से महंगाई और चालू खाते के घाटे पर दबाव कम होने की संभावना बढ़ जाती है, जो भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत माना जाता है।
गिफ्ट निफ्टी ने दिए स्थिर संकेत
बाजार खुलने से पहले गिफ्ट निफ्टी 23,861.5 के स्तर के आसपास कारोबार करता नजर आया। यह करीब 9 अंकों के प्रीमियम पर था, जिससे संकेत मिल रहे थे कि भारतीय बाजार में शुरुआत सीमित उतार-चढ़ाव के साथ हो सकती है।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर टिकी नजर
बाजार के लिए सबसे सकारात्मक खबर भारत और अमेरिका के बीच संभावित व्यापार समझौते को लेकर सामने आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों देशों के बीच एक महत्वपूर्ण व्यापारिक डील को अंतिम रूप दिए जाने की दिशा में तेजी से काम चल रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह समझौता सफलतापूर्वक पूरा होता है तो इससे भारतीय निर्यात, निवेश और आर्थिक गतिविधियों को नया बल मिल सकता है।
ईरान-अमेरिका घटनाक्रम से बढ़ी उम्मीदें
मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच अमेरिका और ईरान से जुड़ी कूटनीतिक गतिविधियों पर भी निवेशकों की नजर बनी हुई है। अमेरिकी सीनेट में ईरान से जुड़े मुद्दों पर हुई चर्चाओं और संभावित शांति प्रयासों ने वैश्विक बाजारों में कुछ राहत का माहौल बनाया है।
हालांकि निवेशक अभी भी पूरी तरह आश्वस्त नहीं हैं और किसी भी नए घटनाक्रम का असर बाजार की चाल पर पड़ सकता है।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। विदेशी निवेशकों की गतिविधियां, वैश्विक बाजारों का रुख, कच्चे तेल की कीमतें और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से जुड़ी खबरें आने वाले दिनों में बाजार की दिशा तय करेंगी।
ऐसे में निवेशकों को जल्दबाजी में निर्णय लेने के बजाय गुणवत्ता वाले शेयरों पर ध्यान देने और लंबी अवधि के निवेश दृष्टिकोण को बनाए रखने की सलाह दी जा रही है।

