TMC में बगावत की अटकलें तेज, 19 सांसदों के हस्ताक्षर वाला पत्र वायरल, अलग गुट बनाने की चर्चा

Thecity news
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All India Trinamool Congress (टीएमसी) के भीतर संभावित असंतोष और बगावत की चर्चाओं के बीच 19 सांसदों के हस्ताक्षर वाला एक पत्र सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। हालांकि पत्र की पूरी सामग्री सार्वजनिक नहीं हुई है, लेकिन इसके सामने आने के बाद पार्टी के भीतर मतभेदों को लेकर नए सवाल खड़े हो गए हैं।

19 सांसदों के हस्ताक्षर वाला पत्र बना चर्चा का विषय
सोशल मीडिया पर वायरल हुए दस्तावेज में 19 सांसदों के हस्ताक्षर दिखाई दे रहे हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस पत्र को लेकर पिछले कई दिनों से अटकलें लगाई जा रही थीं। दावा किया जा रहा है कि सांसदों ने अपनी नाराजगी और संगठनात्मक मुद्दों को लेकर यह पत्र तैयार किया था।

इन सांसदों के नाम आए सामने
पत्र पर काकोली घोष दस्तीदार, शताब्दी रॉय, बापी हलदर, डॉ. शर्मिला सरकार, प्रसून बंद्योपाध्याय, जगदीश बर्मा बसुनिया, असित कुमार मल, अरूप चक्रवर्ती, रचना बनर्जी, सायोनी घोष, खलीलुर रहमान, अबू ताहेर खान, यूसुफ पठान, मिताली बाग, माला रॉय, कालीपद सोरेन, दीपक अधिकारी, जून मालिया और पार्थ भौमिक के हस्ताक्षर बताए जा रहे हैं।

शत्रुघ्न सिन्हा का नाम सूची से गायब
इससे पहले सामने आई एक कथित सूची में Shatrughan Sinha का नाम भी शामिल होने की चर्चा थी, लेकिन वायरल हुए नए दस्तावेज में उनका नाम दिखाई नहीं देता है।

सांसदों ने नेतृत्व से संवाद की कमी का मुद्दा उठाया
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पत्र में सांसदों ने शिकायत की है कि उनकी बात नहीं सुनी गई, संगठनात्मक बैठकों में उन्हें नहीं बुलाया गया और उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ। साथ ही उन्होंने शीर्ष नेतृत्व तक अपनी बात नहीं पहुंच पाने की बात भी कही है।

लोकसभा स्पीकर को सौंपा गया था पत्र
बताया जा रहा है कि यह पत्र 18 मई को Om Birla के कार्यालय को सौंपा गया था, हालांकि इसे सार्वजनिक नहीं किया गया था। अब इसके सामने आने के बाद राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।

अलग गुट बनाने की चर्चा ने बढ़ाई सियासी हलचल
रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि पत्र में अलग संसदीय गुट बनाने और काकोली घोष दस्तीदार को मुख्य सचेतक (Chief Whip) नियुक्त करने का प्रस्ताव भी शामिल है। हालांकि इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।

बंगाल की राजनीति में बढ़ सकती है हलचल
यदि पत्र में किए जा रहे दावे सही साबित होते हैं, तो यह पश्चिम बंगाल की राजनीति और टीएमसी के संगठनात्मक ढांचे पर बड़ा असर डाल सकता है। फिलहाल पार्टी की ओर से इस मामले पर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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