मुंबई: अयोध्या के राम मंदिर में दान राशि को लेकर उठे विवाद के बीच शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख Uddhav Thackeray के जल्द अयोध्या दौरे की संभावना जताई गई है। पार्टी सांसद Sanjay Raut ने शुक्रवार को मुंबई में मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि उद्धव ठाकरे जल्द ही राम मंदिर जाएंगे और दान से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखेंगे।
राम मंदिर दान विवाद पर बढ़ी राजनीतिक हलचल
राम मंदिर में करोड़ों रुपये के दान के कथित गायब होने को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। यह मामला उस समय और चर्चा में आया जब Akhilesh Yadav ने दान राशि में कथित अनियमितताओं के आरोपों की न्यायिक जांच की मांग की। हालांकि, Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।
ट्रस्ट को सवालों का जवाब देना चाहिए: संजय राऊत
संजय राऊत ने कहा कि शिवसेना (यूबीटी) ने राम मंदिर निर्माण के लिए 1 करोड़ रुपये का योगदान दिया था। ऐसे में ट्रस्ट पर उठ रहे सवालों का जवाब देना जरूरी है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं और दानदाताओं के मन में यदि कोई शंका है तो उसे दूर किया जाना चाहिए।
‘प्रभु राम खुद बुला रहे हैं’
राऊत ने बताया कि इस मुद्दे पर उनकी उद्धव ठाकरे से चर्चा हो चुकी है। उन्होंने कहा, “उद्धव ठाकरे बेचैन हैं। हमें लग रहा है कि प्रभु राम खुद बुला रहे हैं। हम जल्द अयोध्या जाएंगे और वहां इस मुद्दे को उठाएंगे।”
उनके इस बयान के बाद शिवसेना (यूबीटी) के संभावित अयोध्या दौरे को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
राजनीतिक दृष्टि से अहम माना जा रहा दौरा
विश्लेषकों का मानना है कि उद्धव ठाकरे का संभावित अयोध्या दौरा केवल धार्मिक यात्रा नहीं होगा, बल्कि इसके राजनीतिक मायने भी निकाले जाएंगे। महाराष्ट्र में बदलते राजनीतिक समीकरणों और आगामी चुनावी रणनीतियों के बीच यह दौरा शिवसेना (यूबीटी) के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
सभी की नजरें दौरे की तारीख पर
फिलहाल पार्टी की ओर से अयोध्या दौरे की तारीख का आधिकारिक ऐलान नहीं किया गया है। हालांकि, संजय राऊत के बयान के बाद यह लगभग तय माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में शिवसेना (यूबीटी) का प्रतिनिधिमंडल अयोध्या पहुंच सकता है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि उद्धव ठाकरे वहां जाकर राम मंदिर दान विवाद पर क्या रुख अपनाते हैं।

