शिवसेना (UBT) के 7 सांसदों के शिंदे गुट के संपर्क में होने की चर्चा, पार्टी की रणनीति और निकाय चुनावों पर होगी मंथन
महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। ‘ऑपरेशन टाइगर’ की चर्चाओं के बीच शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) गुट के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने रविवार को अपने आवास ‘मातोश्री’ पर पार्टी सांसदों की अहम बैठक बुलाई है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि शिवसेना (यूबीटी) के 9 सांसदों में से 7 सांसद मुख्यमंत्री रह चुके और वर्तमान उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के संपर्क में हैं।
इन अटकलों ने राज्य की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। माना जा रहा है कि यदि सांसदों का बड़ा समूह शिंदे गुट का रुख करता है, तो यह उद्धव ठाकरे के लिए एक बड़ी राजनीतिक चुनौती साबित हो सकती है।
सांसदों की बैठक पर टिकीं राजनीतिक नजरें
सूत्रों के मुताबिक हाल ही में शिवसेना (यूबीटी) के कुछ सांसदों ने दिल्ली में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से मुलाकात की थी। इसके बाद से ही उनके पार्टी बदलकर शिंदे गुट में शामिल होने की अटकलें तेज हो गई हैं।
इसी पृष्ठभूमि में उद्धव ठाकरे द्वारा बुलाई गई बैठक को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी नेतृत्व ने सभी सांसदों को मुंबई में मौजूद रहने का निर्देश दिया है। माना जा रहा है कि बैठक में सांसदों की नाराजगी, संगठन की स्थिति और आगामी राजनीतिक चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा होगी।
निकाय चुनाव और महाविकास आघाड़ी पर होगा मंथन
जानकारी के अनुसार बैठक में आगामी नगर निकाय चुनावों की रणनीति, महाविकास आघाड़ी (MVA) के सहयोगी दलों के साथ तालमेल और संगठन को मजबूत करने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
राज्य में स्थानीय निकाय चुनावों को देखते हुए यह बैठक शिवसेना (यूबीटी) के लिए काफी अहम मानी जा रही है। पार्टी नेतृत्व आगामी चुनावों से पहले अपने संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने और संभावित राजनीतिक नुकसान को रोकने की कोशिश में जुटा है।
संजय राऊत का चुनाव आयोग और भाजपा पर हमला
इस बीच शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय राऊत ने पुणे में केंद्र सरकार, गृह मंत्री अमित शाह और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा चुनाव आयोग पूरी तरह से भारतीय जनता पार्टी के एजेंट की तरह काम कर रहा है।
राऊत ने कहा कि विधायकों और नेताओं को तोड़ना लोकतंत्र के लिए नुकसानदायक राजनीतिक प्रवृत्ति है और वर्तमान दौर में इस तरह की घटनाएं लगातार बढ़ी हैं। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्षी दलों की एकता समय की मांग है।
विपक्षी एकता पर भी दिया बड़ा बयान
संजय राऊत ने विपक्षी एकजुटता को लेकर कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी एक ईमानदार नेता हैं और यदि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार पहल करें तो विपक्षी दलों को एक मंच पर लाया जा सकता है।
उनके इस बयान को आगामी चुनावों और महाराष्ट्र की बदलती राजनीतिक परिस्थितियों के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
महाराष्ट्र की राजनीति में बढ़ी सस्पेंस
‘ऑपरेशन टाइगर’ की चर्चाओं और सांसदों के संभावित पाला बदलने की अटकलों के बीच उद्धव ठाकरे की यह बैठक महाराष्ट्र की राजनीति की दिशा तय करने वाली साबित हो सकती है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि बैठक के बाद शिवसेना (यूबीटी) की ओर से क्या संदेश सामने आता है और क्या पार्टी अपने सांसदों को एकजुट रखने में सफल रहती है।

