देशभर में सोने की कीमतों में गिरावट का सिलसिला लगातार जारी है। एक दिन पहले 1,904 रुपये की बड़ी गिरावट के बाद शुक्रवार को भी सोने के दाम में 1,368 रुपये प्रति 10 ग्राम की कमी दर्ज की गई। वहीं, दूसरी ओर चांदी की कीमतों में लगातार तेजी देखने को मिल रही है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि शादी-ब्याह का सीजन खत्म होने, कस्टम ड्यूटी बढ़ने और मांग में कमी आने से घरेलू बाजार में सोने की कीमतों पर दबाव बना हुआ है।
लगातार गिरा सोने का भाव
ताजा आंकड़ों के मुताबिक, देश में 24 कैरेट सोने का औसत भाव घटकर 1,45,900 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया है। इससे पहले यह 1,47,268 रुपये प्रति 10 ग्राम था। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सोने की कीमत 1,45,650 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई, जो राष्ट्रीय औसत से 250 रुपये कम है।
वहीं, 18 कैरेट सोने की कीमत भी गिरकर 1,09,425 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई है। इसमें एक दिन के भीतर 1,026 रुपये की गिरावट दर्ज की गई, जिससे गहने खरीदने की योजना बना रहे ग्राहकों को राहत मिली है।
चांदी की कीमत में जोरदार उछाल
जहां सोना लगातार सस्ता हो रहा है, वहीं चांदी की कीमतों में तेजी का दौर जारी है। शुक्रवार को चांदी में करीब 1.35 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई, जिससे इसकी कीमत 3,091 रुपये प्रति किलोग्राम बढ़कर 2.32 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी चांदी मजबूती के साथ कारोबार कर रही है और इसका भाव 61.75 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया है।
क्यों गिर रहे हैं सोने के दाम?
बाजार जानकारों के अनुसार, सोने की कीमतों में गिरावट के पीछे कई कारण हैं। शादी का सीजन खत्म होने से ज्वेलरी की मांग कम हुई है। इसके अलावा सरकार द्वारा सोने पर कस्टम ड्यूटी बढ़ाए जाने के बाद नई खरीदारी में भी कमी आई है। वहीं, कीमतों में और गिरावट की आशंका के चलते कई लोग अपना पुराना सोना बेच रहे हैं, जिससे बाजार में सप्लाई बढ़ गई है।
इसके साथ ही डॉलर की मजबूती और अंतरराष्ट्रीय बाजार के संकेत भी घरेलू सोने की कीमतों पर असर डाल रहे हैं। मांग कमजोर रहने के कारण ज्वैलर्स भी ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए प्रीमियम कम कर रहे हैं।
खरीदारी का अच्छा मौका?
विशेषज्ञों का मानना है कि जिन लोगों को लंबी अवधि के निवेश या ज्वेलरी खरीदनी है, उनके लिए मौजूदा स्तर अच्छे अवसर साबित हो सकते हैं। हालांकि, कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना को देखते हुए निवेश से पहले बाजार की चाल पर नजर रखना जरूरी होगा।

