कोलकाता: भारतीय जनसंघ के संस्थापक और प्रख्यात शिक्षाविद डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती से एक दिन पहले पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में तोड़फोड़ की घटना सामने आई है। सुकिया स्ट्रीट इलाके में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और गोपाल पाठा (मुखर्जी) की प्रतिमाओं के चबूतरे को अज्ञात लोगों ने क्षतिग्रस्त कर दिया। घटना के बाद राज्य की राजनीति गरमा गई है और पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
जयंती से पहले चबूतरे और पट्टिकाओं में की गई तोड़फोड़
भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) की ओर से सुकिया स्ट्रीट पर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और गोपाल पाठा की प्रतिमाएं हाल ही में स्थापित की गई थीं। इन प्रतिमाओं का औपचारिक अनावरण 6 जुलाई को उनकी 125वीं जयंती के अवसर पर होना था।
आरोप है कि शनिवार देर रात अज्ञात लोगों ने दोनों प्रतिमाओं के नीचे बने चबूतरे को तोड़ दिया और वहां लगी शिलापट्टिकाओं को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। हालांकि राहत की बात यह रही कि दोनों प्रतिमाएं सुरक्षित हैं और उन्हें कोई नुकसान नहीं पहुंचा।
घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस
रविवार सुबह स्थानीय लोगों ने प्रतिमा स्थल पर तोड़फोड़ देखी और इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, घटनास्थल का निरीक्षण किया और क्षतिग्रस्त सामग्री को हटाकर क्षेत्र की सफाई कराई।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि तोड़फोड़ करने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सके।
घटना के बाद गरमाई बंगाल की राजनीति
जयंती से ठीक पहले हुई इस घटना को लेकर पश्चिम बंगाल की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। विभिन्न राजनीतिक दल और सामाजिक संगठन इस घटना पर अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। स्थानीय लोगों में भी घटना को लेकर नाराजगी देखी जा रही है।
125वीं जयंती पर होंगे कई कार्यक्रम
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के अवसर पर पूरे पश्चिम बंगाल में कई सामाजिक और राजनीतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के भी सोमवार को कोलकाता दौरे पर पहुंचने की संभावना है। कार्यक्रमों के दौरान वे डॉ. मुखर्जी को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे और विभिन्न आयोजनों में शामिल होंगे।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपियों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज सहित अन्य साक्ष्यों की पड़ताल की जा रही है।

