टिटवाला-सीएसएमटी एसी लोकल में तीन डिब्बों का एयर कंडीशनिंग सिस्टम अचानक ठप, एक यात्री अस्पताल में भर्ती; जांच के लिए रेक कुर्ला कारशेड भेजा गया
मुंबई की उपनगरीय रेल सेवा में सोमवार सुबह उस समय अफरातफरी मच गई, जब टिटवाला-सीएसएमटी एसी लोकल के लगातार तीन डिब्बों का एयर कंडीशनिंग सिस्टम अचानक बंद हो गया। खचाखच भरी ट्रेन के बंद डिब्बों में भीषण घुटन और उमस के कारण तीन यात्रियों की तबीयत बिगड़ गई। इनमें एक यात्री को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा, जबकि दो अन्य यात्रियों को प्राथमिक उपचार के बाद राहत मिल गई। इस घटना ने मुंबई लोकल को चरणबद्ध तरीके से शत-प्रतिशत एसी बनाने की योजना के बीच रेलवे की सुरक्षा और आपातकालीन तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सोमवार सुबह 8:33 बजे टिटवाला से रवाना हुई एसी लोकल में यात्रा के दौरान लगातार तीन कोचों का एयर कंडीशनिंग सिस्टम बंद हो गया। बंद डिब्बों में कुछ ही मिनटों में उमस और घुटन बढ़ने लगी, जिससे यात्रियों को सांस लेने में दिक्कत होने लगी। ट्रेन सुबह 9:38 बजे मुलुंड स्टेशन पहुंची, जहां राहत कार्य शुरू किया गया, लेकिन 9:54 बजे तक भी एसी सिस्टम चालू नहीं हो सका।
इस दौरान महिला यात्री सुगंधा सिंह, राधिका गोटूवलेकर और फहीम अंसारी की तबीयत बिगड़ गई। दोनों महिला यात्रियों को प्राथमिक उपचार के बाद आगे की यात्रा के लिए भेज दिया गया, जबकि फहीम अंसारी को अस्पताल में भर्ती कराया गया। उपचार के बाद उन्हें सुबह करीब 11:30 बजे छुट्टी दे दी गई।
तकनीकी जांच के लिए कुर्ला कारशेड भेजा गया रेक
मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी डॉ. स्वप्निल नीला ने बताया कि संबंधित एसी लोकल के एयर कंडीशनिंग सिस्टम में तकनीकी खराबी आई थी। खराबी के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए ट्रेन को कुर्ला कारशेड भेजा गया है, जहां विस्तृत तकनीकी जांच और मरम्मत की जा रही है।
रेलवे ने एसी व्यवस्था बहाल किए बिना ही ट्रेन के दरवाजे खोलकर उसे कुर्ला तक पहुंचाया। इसके बाद रेक को सेवा से हटाकर कारशेड भेज दिया गया। इस कारण दिनभर की निर्धारित कई एसी लोकल सेवाएं रद्द करनी पड़ीं और उनकी जगह नॉन-एसी रेक चलाए गए। सीएसएमटी-कुर्ला के बीच एक एसी फेरा भी रद्द रहा, जबकि रात की सेवाओं के लिए वैकल्पिक एसी रेक की व्यवस्था की गई।
यात्री संगठनों ने उठाए सुरक्षा पर सवाल
घटना के बाद यात्री संगठनों ने रेलवे की आपातकालीन व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि एसी लोकल के बंद डिब्बों में एयर कंडीशनिंग बंद होने जैसी स्थिति से निपटने के लिए स्पष्ट स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) होना चाहिए। साथ ही यात्रियों को यह जानकारी भी उपलब्ध कराई जानी चाहिए कि ऐसी स्थिति में किससे संपर्क करें और क्या सावधानियां बरतें।
महासंघ की लता अरगड़े ने कहा कि मुंबई लोकल सेवा को पूरी तरह एसी बनाने से पहले रेलवे को आपातकालीन व्यवस्था मजबूत करनी होगी। उनके अनुसार बंद एसी डिब्बों में तकनीकी खराबी यात्रियों की जान के लिए खतरा बन सकती है, इसलिए तत्काल सहायता, स्पष्ट एसओपी और प्रभावी दिशा-निर्देश अनिवार्य हैं।
रेल यात्री परिषद के अध्यक्ष सुभाष गुप्ता ने कहा कि एसी लोकल में एयर कंडीशनिंग बंद होने पर कुछ ही मिनटों में यात्रियों की जान जोखिम में पड़ सकती है। उन्होंने मांग की कि मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों की तरह एसी लोकल के लिए भी विशेष तकनीकी दल उपलब्ध कराया जाए, ताकि खराबी होने पर तुरंत हस्तक्षेप कर यात्रियों को राहत दी जा सके।

