Stock Market Today: शेयर बाजार की कमजोर शुरुआत, सेंसेक्स 446 अंक टूटा; ऑटो और बैंकिंग शेयरों में बिकवाली

Thecity news
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अमेरिका-ईरान तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल का असर, शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स-निफ्टी फिसले; 20 ब्लूचिप शेयर लाल निशान में

भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को कारोबार की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई। वैश्विक बाजारों से मिले नकारात्मक संकेतों और अमेरिका-ईरान के बढ़ते तनाव के बीच निवेशकों ने बिकवाली का रुख अपनाया। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 446.05 अंक यानी 0.57 प्रतिशत की गिरावट के साथ 77,170.35 पर कारोबार करता दिखा, जबकि एनएसई निफ्टी 98.30 अंक यानी 0.41 प्रतिशत फिसलकर 24,112.70 पर पहुंच गया। सेंसेक्स के 30 में से 20 शेयर लाल निशान में कारोबार करते नजर आए।

ऑटो, बैंकिंग और ऑयल-गैस सेक्टर पर दबाव

शुरुआती कारोबार में मिडकैप, स्मॉलकैप और लार्जकैप इंडेक्स में भी कमजोरी देखने को मिली। सबसे अधिक दबाव ऑटो सेक्टर पर रहा, जहां इंडेक्स करीब 555 अंक टूट गया। इसके अलावा ऑयल एंड गैस और बैंकिंग शेयरों में भी बिकवाली हावी रही। बैंकएक्स इंडेक्स लगभग 405 अंक की गिरावट के साथ कारोबार करता दिखाई दिया।

आज के टॉप-5 गेनर्स

  • टीसीएस (TCS)
  • भारती एयरटेल (Bharti Airtel)
  • टेक महिंद्रा (Tech Mahindra)
  • अडानी पोर्ट्स (Adani Ports)
  • टाटा स्टील (Tata Steel)

आज के टॉप-5 लूजर्स

  • अल्ट्राटेक सीमेंट (UltraTech Cement)
  • बाजाज फाइनेंस (Bajaj Finance)
  • एचसीएल टेक (HCL Technologies)
  • इंडिगो (InterGlobe Aviation)
  • महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M)

अमेरिका-ईरान तनाव से बढ़ा दबाव

वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर एशियाई बाजारों पर भी देखने को मिला। जापान का निक्केई करीब 0.7 प्रतिशत और दक्षिण कोरिया का कोस्पी 2.25 प्रतिशत तक गिर गया। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव तथा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान के बाद कच्चे तेल की कीमतों में 8 से 10 प्रतिशत तक की तेजी आई है। ब्रेंट क्रूड का भाव 85 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया है।

महंगा कच्चा तेल और मजबूत डॉलर बने चिंता की वजह

विशेषज्ञों के मुताबिक कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से महंगाई बढ़ने की आशंका है, जिससे अमेरिकी फेडरल रिजर्व पर ब्याज दरें ऊंची बनाए रखने का दबाव बढ़ सकता है। इसके चलते बॉन्ड यील्ड और डॉलर इंडेक्स मजबूत हुए हैं। मजबूत डॉलर के कारण रुपये पर भी दबाव बना हुआ है। महंगा कच्चा तेल और कमजोर रुपया भारतीय शेयर बाजार और अर्थव्यवस्था दोनों के लिए नकारात्मक संकेत माने जा रहे हैं।

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