SBI फंड्स मैनेजमेंट समेत पांच कंपनियां लाएंगी पब्लिक इश्यू, प्राइमरी मार्केट में बढ़ी हलचल
भारतीय शेयर बाजार का प्राइमरी मार्केट (IPO) इन दिनों रिकॉर्ड रफ्तार से आगे बढ़ रहा है। कंपनियां पूंजी जुटाने के लिए लगातार आईपीओ ला रही हैं, जबकि निवेशक भी बेहतर रिटर्न की उम्मीद में नए इश्यू का इंतजार कर रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, जुलाई के अंत तक पांच बड़े आईपीओ बाजार में दस्तक देने वाले हैं, जिनके जरिए कंपनियां करीब 15,000 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी में हैं। इससे आने वाले दिनों में आईपीओ बाजार की गतिविधियां और तेज होने की उम्मीद है।
15 हजार करोड़ रुपये के IPO की तैयारी
जानकारी के अनुसार, अगले सप्ताह SBI फंड्स मैनेजमेंट का आईपीओ खुल सकता है। इसके अलावा कैलिबर माइनिंग एंड लॉजिस्टिक्स, मिल्की मिस्ट डेयरी फूड्स, जुनिपर ग्रीन एनर्जी, लोहिया कॉर्प और मणिपाल हेल्थ एंटरप्राइजेज भी जुलाई के अंत तक अपने पब्लिक इश्यू ला सकती हैं। इन पांचों कंपनियों से कुल मिलाकर करीब 15,000 करोड़ रुपये जुटाए जाने का अनुमान है।
जून में सात आईपीओ के जरिए 2,718 करोड़ रुपये जुटाए गए थे, जबकि जुलाई में अब तक नैक पैकेजिंग, कुसुमगर और लेजर पावर एंड इंफ्रा अपने पब्लिक इश्यू लॉन्च कर चुके हैं। अगले सप्ताह SBI फंड्स मैनेजमेंट और अल्पाइन टेक्सवर्ल्ड के आईपीओ भी खुलने की संभावना है।
इन पांच कंपनियों के IPO पर रहेगी नजर
कैलिबर माइनिंग एंड लॉजिस्टिक्स लगभग 500 से 600 करोड़ रुपये जुटा सकती है। तमिलनाडु की डेयरी कंपनी मिल्की मिस्ट डेयरी फूड्स का आईपीओ करीब 2,000 करोड़ रुपये का हो सकता है। एटी कैपिटल ग्रुप समर्थित जुनिपर ग्रीन एनर्जी का इश्यू साइज घटाकर 1,800 करोड़ रुपये कर दिया गया है। वहीं, लोहिया कॉर्प करीब 500 करोड़ रुपये का ऑफर फॉर सेल (OFS) लाने की तैयारी में है। मणिपाल हेल्थ एंटरप्राइजेज का आईपीओ सबसे बड़ा हो सकता है, जिससे करीब 9,500 करोड़ रुपये जुटाने की संभावना है।
इन IPO पर भी रहेगी निवेशकों की नजर
जुलाई के आखिर और अगस्त की शुरुआत में टोनबो इमेजिंग और सिम्बायोटेक फार्मालैब के आईपीओ भी बाजार में आ सकते हैं। इसके अलावा जेप्टो लिमिटेड के आईपीओ को लेकर भी चर्चा तेज है, हालांकि कंपनी पहले के मुकाबले कम वैल्यूएशन पर बाजार में उतर सकती है।
क्यों बढ़ी IPO बाजार में हलचल?
विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका-ईरान तनाव में नरमी, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और विदेशी निवेशकों की भारतीय बाजार में बढ़ती दिलचस्पी से प्राइमरी मार्केट को मजबूती मिली है। इसके अलावा जियो प्लेटफॉर्म्स और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज द्वारा ड्राफ्ट पेपर दाखिल किए जाने के बाद आईपीओ बाजार में नई तेजी देखने को मिल रही है। आमतौर पर जुलाई और अगस्त को प्राइमरी मार्केट के सबसे व्यस्त महीनों में माना जाता है।

