अमेरिकी महंगाई के ताजा आंकड़ों और वैश्विक अनिश्चितता का असर, कच्चे तेल में तेजी के बीच कीमती धातुओं पर बढ़ा दबाव
नई दिल्ली: घरेलू वायदा बाजार (MCX) में बुधवार सुबह सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। कारोबार शुरू होते ही सोना 0.55 प्रतिशत टूटकर 1,41,471 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया, जबकि चांदी 0.41 प्रतिशत की गिरावट के साथ 2,22,266 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार करती नजर आई। अमेरिकी महंगाई के ताजा आंकड़ों, वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और निवेशकों की सतर्कता का असर कीमती धातुओं की कीमतों पर साफ दिखाई दिया।
MCX पर सोने में आई बड़ी गिरावट
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर बुधवार सुबह बाजार खुलते ही सोने की कीमतों में 0.55 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इसके बाद 10 ग्राम सोने का भाव घटकर 1,41,471 रुपये पर पहुंच गया। आमतौर पर डॉलर कमजोर होने पर सोने की कीमतों को सहारा मिलता है, लेकिन इस बार वैश्विक तनाव और बाजार की अनिश्चितता के चलते सोना दबाव में दिखाई दिया।
चांदी भी फिसली, निवेशकों की बढ़ी चिंता
सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी कमजोरी देखने को मिली। एमसीएक्स पर चांदी 0.41 प्रतिशत टूटकर 2,22,266 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार करती रही। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक आर्थिक संकेतकों और भू-राजनीतिक परिस्थितियों का असर चांदी की कीमतों पर भी पड़ रहा है।
प्रमुख शहरों में भी दिख सकता है असर
एमसीएक्स में आई गिरावट का असर देश के प्रमुख सर्राफा बाजारों पर भी देखने को मिल सकता है। हालांकि दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता जैसे शहरों में स्थानीय टैक्स, जीएसटी और मेकिंग चार्ज के कारण अंतिम खुदरा कीमतें अलग-अलग हो सकती हैं। ऐसे में खरीदारी से पहले स्थानीय ज्वैलर्स से ताजा भाव की जानकारी लेना बेहतर रहेगा।
महंगाई के आंकड़ों ने बदला बाजार का रुख
विशेषज्ञों के अनुसार अमेरिका में महंगाई दर 4.2 प्रतिशत से घटकर 3.5 प्रतिशत आने के बाद फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों को लेकर बाजार की उम्मीदों में बदलाव आया है। इसी दौरान डॉलर इंडेक्स भी 100.92 से घटकर 100.76 पर आ गया। हालांकि अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ता तनाव और वैश्विक अनिश्चितता फिलहाल बाजार के लिए सबसे बड़ा जोखिम बने हुए हैं।
कच्चे तेल में बनी हुई है तेजी
डॉलर में कमजोरी के बावजूद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी जारी है। ब्रेंट क्रूड का सितंबर वायदा 86 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और तेल आपूर्ति को लेकर बनी चिंताओं के चलते ऊर्जा बाजार पर दबाव बना हुआ है, जिसका असर आने वाले दिनों में सोने-चांदी समेत अन्य कमोडिटी पर भी देखने को मिल सकता है।

