6 जिलों के 99 गांव जलमग्न, लखीमपुर सबसे ज्यादा प्रभावित; SDRF ने 16 लोगों को सुरक्षित निकाला
गुवाहाटी: असम में लगातार हो रही बारिश के कारण बाढ़ की स्थिति मंगलवार को और गंभीर हो गई। राज्य में बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 4 हो गई है, जबकि प्रभावित लोगों की संख्या एक दिन में लगभग चार गुना बढ़कर 37 हजार से अधिक पहुंच गई है। बाढ़ का सबसे ज्यादा असर सोनितपुर, डिब्रूगढ़, लखीमपुर, धेमाजी, जोरहाट और शिवसागर जिलों में देखने को मिल रहा है।
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के अनुसार, मंगलवार को सोनितपुर जिले के चारीदुआर राजस्व मंडल से एक लापता व्यक्ति का शव बरामद किया गया। वह सोमवार रात से लापता था। इससे पहले चराईदेव में एक और धेमाजी जिले में दो लोगों की मौत हो चुकी थी। इसके साथ ही बाढ़ से मरने वालों की कुल संख्या चार हो गई है।
99 गांवों में घुसा बाढ़ का पानी
ASDMA के मुताबिक, बाढ़ ने राज्य के 6 जिलों के 12 राजस्व सर्किलों और 99 गांवों को अपनी चपेट में ले लिया है।
सबसे अधिक प्रभावित लखीमपुर जिला है, जहां अकेले 35,696 लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। पूरे राज्य में कुल 37,032 लोग इस आपदा की चपेट में हैं। सोमवार को प्रभावित लोगों की संख्या करीब 9,600 थी।
इसके अलावा बाढ़ के कारण 1,103.94 हेक्टेयर कृषि भूमि जलमग्न हो गई है, जिससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है।
जानवरों और बुनियादी ढांचे को भी भारी नुकसान
बाढ़ का असर केवल लोगों तक सीमित नहीं है। तेज बहाव में दो जानवर बह गए, जबकि मुर्गियों समेत 16,139 पशु-पक्षी इस आपदा से प्रभावित हुए हैं।
कई जिलों में सड़कें और अन्य महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचा है, जिससे राहत और बचाव कार्यों में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
राहत और बचाव अभियान जारी
राज्य सरकार और आपदा प्रबंधन विभाग राहत कार्यों में जुटे हुए हैं। प्रभावित लोगों तक सहायता पहुंचाने के लिए 20 राहत वितरण केंद्र बनाए गए हैं।
वहीं, स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (SDRF) ने पिछले 24 घंटे के दौरान सोनितपुर जिले से 16 लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू किया है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और आवश्यक होने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है।

