‘सिल्वर ओक’ से ‘वर्षा’ तक बैठकों का दौर, शरद पवार के अगले कदम पर बढ़ीं अटकलें
मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़े राजनीतिक घटनाक्रम की चर्चा तेज हो गई है। मंगलवार देर रात मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के सरकारी आवास ‘वर्षा’ पर एनसीपी के दोनों गुटों के वरिष्ठ नेताओं की बैठक के बाद सियासी हलकों में नए समीकरणों को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। इस मुलाकात ने खासकर शरद पवार के अगले राजनीतिक कदम को लेकर चर्चाओं को और हवा दे दी है।
‘सिल्वर ओक’ के बाद ‘वर्षा’ पहुंचे जयंत पाटिल
एनसीपी (शरद पवार गुट) के प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटिल ने पहले शरद पवार के आवास ‘सिल्वर ओक’ पर जाकर शरद पवार और सुप्रिया सुले से मुलाकात की। इसके तुरंत बाद वह मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के सरकारी आवास ‘वर्षा’ पहुंचे। इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं।
हालांकि जयंत पाटिल ने इन अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि उनकी मुख्यमंत्री से मुलाकात केवल सांगली जिले के विकास कार्यों से जुड़े मुद्दों को लेकर थी।
सुनील तटकरे और प्रफुल्ल पटेल भी रहे सक्रिय
सूत्रों के मुताबिक, सत्तारूढ़ एनसीपी गुट के वरिष्ठ नेता सुनील तटकरे और प्रफुल्ल पटेल भी पहले ‘सिल्वर ओक’ पहुंचे थे। इसके बाद उन्होंने अलग-अलग मुख्यमंत्री फडणवीस से मुलाकात की और फिर ‘वर्षा’ पर सभी नेताओं की संयुक्त बैठक हुई। हालांकि इस बैठक को लेकर किसी भी पक्ष की ओर से आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है।
NCP (SP) के विधायकों का बढ़ रहा दबाव
एनसीपी (एसपी) के भीतर भी राजनीतिक हलचल तेज है। पार्टी के 10 विधायकों में से कई विधायक अपने क्षेत्रों के विकास कार्यों और सरकारी फंड की उपलब्धता के लिए भाजपा नेतृत्व वाले एनडीए में शामिल होने की पैरवी कर रहे हैं। जयंत पाटिल भी सार्वजनिक रूप से स्वीकार कर चुके हैं कि पार्टी के कुछ विधायक ऐसा दबाव बना रहे हैं।
हालांकि शरद पवार ने अब तक इस मुद्दे पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
नए राजनीतिक विकल्पों पर मंथन
यह बैठक ऐसे समय हुई है जब सत्तारूढ़ एनसीपी गुट को सुनेत्रा पवार के पार्टी अध्यक्ष बनाए जाने को लेकर कानूनी नोटिस का सामना करना पड़ रहा है। वहीं हाल ही में उद्धव ठाकरे गुट के छह सांसदों के एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल होने के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में नए समीकरण बनने की चर्चा और तेज हो गई है।
सूत्रों के अनुसार, एनसीपी (एसपी) के भीतर कांग्रेस में विलय या एनडीए को समर्थन देने जैसे विकल्पों पर भी मंथन चल रहा है।
परिसीमन विधेयक में बढ़ सकती है अहमियत
भले ही एनसीपी (एसपी) के पास महाराष्ट्र में 10 विधायक और लोकसभा में 8 सांसद हैं, लेकिन संसद में प्रस्तावित परिसीमन विधेयक जैसे अहम कानूनों को पारित कराने के लिए उसके सांसदों का समर्थन एनडीए के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक, इस मुद्दे पर भी दोनों पक्षों के बीच बातचीत होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है।

