इंग्लैंड के पूर्व तेज गेंदबाज स्टुअर्ट ब्रॉड ने पाकिस्तान की मौजूदा टेस्ट टीम को कमजोर बताया है। उन्होंने कहा कि इंग्लैंड को तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में पाकिस्तान को 3-0 से हराना चाहिए, हालांकि उन्होंने क्लीन स्वीप की गारंटी से इनकार किया।
इंग्लैंड के पूर्व तेज गेंदबाज स्टुअर्ट ब्रॉड ने पाकिस्तान की मौजूदा टेस्ट टीम को लेकर बड़ा बयान दिया है। ब्रॉड ने पाकिस्तान को कमजोर टीम बताते हुए कहा कि इंग्लैंड को तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में 3-0 से जीत हासिल करनी चाहिए। हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि क्लीन स्वीप की गारंटी नहीं दी जा सकती।
क्या बोले स्टुअर्ट ब्रॉड?
ब्रॉड ने कहा कि पाकिस्तान एक कमजोर टीम है और इंग्लैंड को उसके खिलाफ आसानी से जीत दर्ज करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इंग्लैंड से 3-0 की जीत की उम्मीद की जानी चाहिए।
हालांकि, पूर्व तेज गेंदबाज ने इंग्लैंड को सावधान भी किया। उन्होंने कहा कि अगर इंग्लैंड टेस्ट सीरीज नहीं जीतता है तो यह उसके लिए बड़ी नाकामी होगी। ब्रॉड के मुताबिक, क्लीन स्वीप तय नहीं है, लेकिन सीरीज में इंग्लैंड की हार बहुत बड़ी विफलता होगी।
हेडिंग्ले टेस्ट में पाकिस्तान का बुरा हाल
ब्रॉड का यह बयान लीड्स के हेडिंग्ले में खेले जा रहे पहले टेस्ट के शुरुआती दो दिनों के बाद आया है। पाकिस्तान की टीम पहली पारी में सिर्फ 171 रन पर ऑलआउट हो गई थी। इंग्लैंड के गेंदबाजों ने पाकिस्तानी बल्लेबाजों की कमजोरियों का पूरा फायदा उठाया।
इसके जवाब में इंग्लैंड ने दूसरे दिन का खेल खत्म होने तक 8 विकेट पर 366 रन बना लिए थे और पहली पारी में 195 रन की बढ़त हासिल कर ली थी।
इंग्लैंड ने तेजी से बनाए रन
इंग्लैंड ने करीब 4।46 रन प्रति ओवर की रफ्तार से बल्लेबाजी की। हालांकि, टीम का अंदाज पिछली स्टोक्स-मैकुलम जोड़ी के दौर वाले पारंपरिक ‘बैजबॉल’ से थोड़ा कम आक्रामक रहा।
इंग्लैंड के नए टेस्ट कप्तान जो रूट भी एक और शतक लगाने का मौका गंवा बैठे। 66 रन पर उन्हें खुर्रम शहजाद ने एलबीडब्ल्यू आउट किया। रूट ने रिव्यू लिया, लेकिन बॉल ट्रैकिंग से साफ हुआ कि गेंद मिडिल स्टंप पर लग रही थी।
दिन का खेल खत्म होने पर जेमी स्मिथ 16 रन बनाकर नाबाद थे, जबकि जोफ्रा आर्चर अभी अपना खाता नहीं खोल पाए थे।
अब पाकिस्तान पर वापसी का दबाव
पहले टेस्ट में इंग्लैंड मजबूत स्थिति में पहुंच चुका है। ऐसे में ब्रॉड की 3-0 की भविष्यवाणी ने पाकिस्तान पर दबाव और बढ़ा दिया है। अब मेहमान टीम के सामने चुनौती सिर्फ हेडिंग्ले टेस्ट में वापसी की नहीं, बल्कि ब्रॉड के दावे को गलत साबित करने की भी है।

