नाबालिग यूजर्स के लिए 2 घंटे की दैनिक सीमा, रात 12 से सुबह 6 बजे तक Feed-Reels बंद; स्क्रीन टाइम घटाने के लिए मिलेंगे लगातार रिमाइंडर
सोशल मीडिया के बढ़ते इस्तेमाल के बीच बच्चों और किशोरों के स्क्रीन टाइम को लेकर चिंता लगातार बढ़ रही है। इसे देखते हुए Meta ने Instagram और Facebook इस्तेमाल करने वाले नाबालिग यूजर्स के लिए कई बड़े बदलावों का ऐलान किया है। नए नियमों का फोकस बच्चों का स्क्रीन टाइम कम करने, देर रात सोशल मीडिया से दूरी बनाने और माता-पिता को बेहतर निगरानी के विकल्प देने पर है। इसके तहत दैनिक इस्तेमाल की 2 घंटे की सीमा, नाइट ब्लॉक और Feed-Reels से जुड़े कई सुरक्षा फीचर्स शामिल किए जा रहे हैं।
रात में अपने आप बंद होगा Instagram और Facebook
नए बदलावों के तहत नाबालिग यूजर्स के लिए ऑटोमैटिक नाइट मोड पेश किया जा रहा है। इसमें रात 12 बजे से सुबह 6 बजे तक Feed, Stories, Reels और Explore जैसे फीचर्स का इस्तेमाल ब्लॉक रहेगा।
इसके अलावा स्टैंडर्ड मोड में सुबह 8 बजे से दोपहर 3 बजे तक नोटिफिकेशन डिफॉल्ट रूप से म्यूट किए जा सकते हैं। हालांकि, अकाउंट की सुरक्षा से जुड़े जरूरी अलर्ट और Direct Messages इससे प्रभावित नहीं होंगे। यानी जरूरी कम्युनिकेशन जारी रहेगा, जबकि गैर-जरूरी नोटिफिकेशन बच्चों का ध्यान भटकाने से रोकने की कोशिश की जाएगी।
15 मिनट बाद पहला अलर्ट, 90 मिनट पर फिर रिमाइंडर
Meta स्क्रीन टाइम कम करने के लिए लगातार रिमाइंडर भी देगा। अगर कोई बच्चा बिना रुके 15 मिनट तक ब्राउजिंग करता है तो पहला अलर्ट दिखाई देगा। इसके बाद कुल दैनिक स्क्रीन टाइम 60 और 90 मिनट तक पहुंचने पर भी अतिरिक्त रिमाइंडर दिए जाएंगे।
कंपनी ने वीडियो ऑटोप्ले बंद करने का विकल्प भी शामिल किया है। इसका मतलब है कि एक वीडियो खत्म होने के बाद अगला वीडियो अपने आप शुरू नहीं होगा। आगे बढ़ने के लिए यूजर को खुद स्वाइप या टैप करना पड़ेगा। इस बदलाव का उद्देश्य लगातार स्क्रॉलिंग की आदत को कम करना है।
एआई से होगी नाबालिग अकाउंट्स की पहचान
बच्चों की सुरक्षा के लिए Meta एआई का इस्तेमाल भी बढ़ा रहा है। कंपनी के मुताबिक, ऐसे एआई मॉडल इस्तेमाल किए जा रहे हैं जो 13 साल से कम उम्र के बच्चों के अकाउंट की पहचान करने और उन्हें हटाने में मदद करेंगे।
वहीं, 13 से 17 साल के यूजर्स के लिए ज्यादा सुरक्षित अनुभव उपलब्ध कराया जाएगा। नाबालिग अकाउंट्स पर Likes और Reactions की संख्या भी डिफॉल्ट रूप से छिपी रहेगी। इसका उद्देश्य सोशल मीडिया पर मिलने वाले सार्वजनिक एंगेजमेंट के दबाव को कम करना है।
समझौते के बाद सुरक्षा पर बढ़ा फोकस
जानकारी के मुताबिक, Meta के ये बदलाव कंपनी और 52 राज्यों, क्षेत्रों तथा वॉशिंगटन डीसी के अटॉर्नी जनरल के बीच हुए करीब 18 अरब डॉलर के समझौते के बाद सामने आए हैं। ऐसे में कंपनी का नया कदम बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल को ज्यादा नियंत्रित और सुरक्षित बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
हालांकि, इन फीचर्स का वास्तविक असर इस बात पर निर्भर करेगा कि बच्चे और माता-पिता इन नियंत्रणों का कितनी प्रभावी तरीके से इस्तेमाल करते हैं। माता-पिता के लिए निगरानी और नियंत्रण के विकल्प बढ़ने के बावजूद बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल को संतुलित रखना एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।

