मुंबई में कुर्ला-बांद्रा के बीच प्रस्तावित 8।85 किमी लंबे पॉड टैक्सी कॉरिडोर को लोकल और मेट्रो नेटवर्क से जोड़ने की तैयारी है। बीकेसी को केंद्र में रखकर विकसित होने वाली एआई आधारित चालक रहित परिवहन सेवा से पहली और आखिरी मील की कनेक्टिविटी मजबूत होने की उम्मीद है। प्रस्तावित परियोजना को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर विकसित किया जाएगा।
2031 तक रोजाना 1।09 लाख यात्रियों को सुविधा का अनुमान
परियोजना के तहत 2031 तक रोजाना करीब 1।09 लाख यात्रियों को सेवा मिलने का अनुमान है। प्रस्तावित 8।85 किमी स्वचालित तीव्र पारगमन प्रणाली में 22 वातानुकूलित स्टेशन बनाए जाने की योजना है। इन स्टेशनों को करीब 200 मीटर की दूरी पर विकसित करने का प्रस्ताव है।
परियोजना की लागत सरकार या एमएमआरडीए पर नहीं आने की बात कही गई है। इसके बजाय एमएमआरडीए को इस परियोजना से राजस्व मिलने की उम्मीद है। कॉरिडोर के निर्माण की गुणवत्ता और तकनीकी मानकों की निगरानी के लिए एमएमआरडीए स्वतंत्र इंजीनियर नियुक्त करेगी। यह इंजीनियर निर्माण के दौरान किसी भी खामी या विचलन की जानकारी सीधे संबंधित अधिकारियों को देगा।
पहले चरण में 3।36 किमी का मार्ग होगा विकसित
परियोजना के पहले चरण में 3।36 किमी लंबा मार्ग विकसित किया जाएगा। इसमें कुर्ला टर्मिनल, एलबीएस मार्ग, एमएमआरडीए पे एंड पार्क-जी ब्लॉक, बीडीबी गेट-11, बांद्रा पूर्व टर्मिनल, कलानगर, पुराना एमएमआरडीए भवन और उत्पाद शुल्क विभाग स्टेशन शामिल होंगे।
इस चरण का मुख्य उद्देश्य कुर्ला और बांद्रा रेलवे स्टेशनों को बीकेसी से जोड़ना और यात्रियों के लिए पहली तथा आखिरी मील की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाना है।
15 सेकंड के अंतराल पर चलेंगे चालक रहित पॉड
एआई आधारित चालक रहित प्रणाली में बैटरी से चलने वाले पॉड समर्पित गाइडवे पर संचालित होंगे। प्रत्येक पॉड में छह यात्रियों के बैठने की क्षमता होगी और इसकी अधिकतम गति 40 किमी प्रति घंटा निर्धारित की गई है। पॉड को महज 15 सेकंड के अंतराल पर चलाने की योजना है।
यात्री जिस स्टेशन को गंतव्य के रूप में चुनेंगे, पॉड वहीं रुकने की व्यवस्था होगी। इससे यात्रा समय कम होने की उम्मीद है। प्रत्येक पॉड की लंबाई 3।9 मीटर, चौड़ाई 2।01 मीटर और ऊंचाई 1।8 मीटर होगी। सभी पॉड वातानुकूलित होंगे और उनका संचालन केंद्रीय नियंत्रण कक्ष से किया जाएगा।
मेट्रो नेटवर्क से भी जुड़ेगा पॉड टैक्सी कॉरिडोर
पॉड टैक्सी को बीकेसी मेट्रो स्टेशन पर मेट्रो लाइन-3 तथा आईटीओ और आईएलएंडएफएस स्टेशनों पर मेट्रो लाइन-2बी से जोड़ने की योजना है। इससे पॉड टैक्सी, मेट्रो और उपनगरीय रेल के बीच अतिरिक्त इंटरचेंज सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।
संचालन और रखरखाव के लिए बांद्रा पूर्व में आरएलडीए की जमीन पर डिपो विकसित करने का प्रस्ताव है। इस तरह कॉरिडोर को मुंबई के मौजूदा सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क से जोड़ने की योजना बनाई गई है।
21 रुपये प्रति किलोमीटर प्रस्तावित किराया
वर्ष 2022 की दरों के आधार पर प्रस्तावित पॉड टैक्सी का किराया 21 रुपये प्रति किलोमीटर बताया गया है। परियोजना को शून्य-कार्बन गतिशीलता प्रणाली के रूप में प्रस्तुत किया गया है। इससे सड़क यातायात का दबाव कम करने और यात्रियों के यात्रा समय में कमी लाने की उम्मीद है।
घनी आबादी वाले इलाकों में निर्माण गुणवत्ता पर नजर
कुर्ला-बांद्रा पॉड टैक्सी कॉरिडोर घनी आबादी वाले इलाकों के साथ बीकेसी जैसे महत्वपूर्ण व्यावसायिक क्षेत्र से होकर गुजरेगा। ऐसे में निर्माण गुणवत्ता, संरचनात्मक सुरक्षा और तकनीकी मानकों का पालन परियोजना के लिए अहम होगा।
इसी वजह से स्वतंत्र इंजीनियर की नियुक्ति की जा रही है। इंजीनियर निर्माण कार्य के दौरान कमियों और तकनीकी विचलनों की पहचान कर संबंधित अधिकारियों को रिपोर्ट करेगा, ताकि समय रहते सुधारात्मक कार्रवाई की जा सके।

